दोआबा में सप्ताह भर से लगातार हो रही बारिश ने धान के अलावा खरीफ की अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। खेतों में जलभराव हो जाने की वजह से फसलें तैयार होने से पहले ही पीली पड़ने लगी। फसलों का विकास बाधित देख किसानों के चेहरे मुरझाने लगे हैं। बर्बाद हो रही फसलों को बचाने के लिए उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है।
दोआबा में इस साल अगस्त के महीने में अच्छी बारिश हुई। बारिश के चलते धान की खेती जगह-जगह लहलहा रही है। इससे धान की खेती करने वाले किसानों के चेहरे भी फसलों के साथ तरोताजा हैं। खरीफ के मौसम में धान के अलावा असिंचित क्षेत्रफल में तिल, अरहर, ज्वार, बाजरा आदि फसलों की बुवाई किसानों ने कर रखी है। इस बार अगस्त के महीने में जोरदार बारिश होने से असिंचित क्षेत्र के खेतों में भी जलजमाव हो गया।
इसके चलते पकने से पहले ही ज्वार, बाजरा, अरहर और तिल की फसलें सड़कर पीली पड़ने लगी। ऐसे में बारिश से एक तरफ जहां की धान की खेती करने वाले किसानों को फायदा हुआ तो तिलहन, दलहन और मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान खेतों में हुए जलजमाव से नष्ट हुई फसलों को लेकर किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। पानी से नष्ट हो रही फसलों को बचा पाने के लिए उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है।
तराई की फसलों पर बरपा यमुना का कहर
दो नदियों के बीच अति उपजाऊ भूमि वाले दोआबा में इन दिनों यमुना नदी का कहर बरप रहा है। बाढ़ के पानी ने तराई के खेतों में बोई गई मिर्च, बाजरा, ज्वार, शकरकंद आदि फसलों को अपनी आगोश में ले लिया है। सरसवां ब्लॉक के शाहपुर, कटरी, डेढ़ावल, पभोषा, कौशाम्बी ब्लॉक के गढ़वा, पाली, बेरौचा, गुरौली, महिला, भकंदा, डांड़ी, बरगदी और नेवादा ब्लॉक के कटैया, बेनपुर, मल्हीपुर, पिपरहटा, उमरवल, केवट पुरवा आदि गांवों के किसानों की हजारों बीघा फसल बाढ़ की भेंट चढ़ गई।
किलनहाई और ससुर खदेरी नदी ने भी पहुंचाया नुकसान
गंगा-यमुना के बीच में बसे कौशाम्बी में दो छोटी-छोटी नदियां है। यह दोनो नदी फतेहपुर जनपद की सीमा से निकलकर कौशाम्बी में अलग-अलग स्थानों पर पर बहते हुए यमुना नदी में समाहित होती हैं। वैसे तो इन नदियों में पानी नहीं रहता। लेकिन तगड़ी बारिश होने के बाद यह भी उफनाने लगती है। सप्ताह भर से हो रही तेज बारिश के चलते दोनो नदियां उफान पर हैं। ससुर खदेरी नदी में बाढ़ आने से फदिलाबाद, घूरी, गौहानी, मखऊपुर तो किलनहाई नदी के पानी से असंदापुर, कनैली, बंथरी समेत कई गांवों के किसानों की फसलें नष्ट हो गई। फसलों की बर्बादी का नजारा देख पीड़ित किसानों का हाल बेहाल है।
बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में फसल बर्बादी की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जो मदद मिलेगी उसे किसानों को नुकसान के मुताबिक मुहैया कराया जाएगा।
श्रीकृष्ण, एडीएम, कौशाम्बी