तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय लुकिया में शुक्रवार को हुई एक घटना ने शिक्षा विभाग और विद्यालय स्टाफ को हैरान कर दिया। वर्ष 2013 से विद्यालय में तैनात इंचार्ज महिला प्रधानाचार्य शिखा सिंह के बारे में अधिकारियों का कहना है कि 13 वर्षों के सेवाकाल में इस तरह की कोई अप्रिय घटना या शिकायत कभी सामने नहीं आई थी।
खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) नीरज उमराव ने बताया कि शुक्रवार को इंचार्ज महिला प्रधानाचार्य अचानक हाथ में धारदार हथियार लेकर विद्यालय परिसर में पहुंच गईं। उन्हें इस रूप में देख वहां मौजूद सहायक अध्यापकों और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। स्टाफ की इसी तत्परता के कारण समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।
बीईओ के मुताबिक, विद्यालय में कुल 57 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शिखा सिंह अब तक नियमित रूप से शिक्षण कार्य करती थीं और विभागीय बैठकों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। उनके व्यवहार को लेकर पहले कभी कोई शिकायत नहीं मिली थी। वहीं, घटना के बाद परिजनों ने अधिकारियों को बताया कि शिक्षिका की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही उनकी बहन विद्यालय पहुंचीं और उन्हें अपने साथ घर ले गईं। शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इंचार्ज महिला प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि उचित उपचार मिलने से उनकी स्वास्थ्य स्थिति में जल्द सुधार होगा।