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बीएड फर्जीवाड़ा: चार बेसिक शिक्षकों पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार

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मंझनपुर। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 के टेंपर्ड प्रमाणपत्रों के जरिये जिले में नौकरी करने वाले चार शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटकी हुई है। इससे पूर्व जनपद के 28 फर्जी शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय के निर्णय के बाद शिक्षकों में खलबली मची है। बीएसए कार्यालय भी शासन के आदेश का इंतजार कर रहा है। आदेश के बाद शिक्षकों की बर्खास्तगी की जाएगी।
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सत्र 2004-05 के बीएड डिग्री धारकों के खिलाफ एसआईटी (विशेष जांच दल) द्वारा जांच जारी है। जनपद में 32 शिक्षकों के नाम फर्जीवाड़े में सामने आए थे। इनमें करीब 28 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। टेंपर्ड अंकतालिकाओं वाले शिक्षकों की बर्खास्तगी रुक गई थी। इस संबंध में हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय की जांच समिति को निर्णय लेने को कहा था।
25 जून को जांच समिति ने बीएड सत्र 2004-05 के 1021 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों को टेंपर्ड घोषित कर दिया। टेंपर्ड प्रमाणपत्रों के जरिये नौकरी पाने वालों में जिले के भी चार शिक्षक हैं। अब इन पर भी बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। इस सूची में शिक्षक नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इधर, विश्वविद्यालय कमेटी के निर्णय के बाद इन शिक्षकों ने कोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
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इन शिक्षकों पर होगी कार्रवाई-
सिराथू ब्लॉक के चक सतारगंज स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक बृजेश्वर सिंह, डेबरामई स्थित प्राथमिक विद्यालय में नियुक्त सहायक अध्यापिका शैलकुमारी, सरसवां ब्लॉक के पूरबशरीरा स्थित प्राइमरी स्कूल के सहायक अध्यापक सुधीर कुमार तथा प्राइमरी स्कूल बाकरगंज में नियुक्त सहायक अध्यापक सुरजीत सिंह।
जिले में टेंपर्ड प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी करने वाले चार शिक्षक हैं। टेंपर्ड प्रमाण पत्र वाले शिक्षकों की सूची पर कार्रवाई विश्वविद्यालय कमेटी के आदेशानुसार होनी है। पत्र आने के बाद ऐसे शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा। -प्रकाश सिंह-बीएसए
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