छह माह के मासूम के गायब होने का प्रकरण तो 30 दिसंबर को ही स्थानीय पुलिस के पास पहुंच चुका था। लेकिन 19 जनवरी को बृजेश कुमार की शिकायत पर जब आईजी प्रयागराज अजय कुमार मिश्रा ने कौशाम्बी के अधिकारियों को फोन कर सख्त लहजे में कहा कि बच्चा आकाश में हो या पाताल में, हर हाल में मिलना चाहिए। इसके बाद तलाश तेज हुई और बच्चा भी मिल गया।
अपने ही बच्चे का सौदा करने का प्रकरण दो दिन से सुर्खियों में है। लापरवाही पर टेंवा चौकी इंजार्ज को निलंबित भी कर दिया गया है। आरोपी महिला के प्रेमी व दूसरे पति बृजेश ने बताया कि वह प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के मीरापट्टी में ममता और अपने छह माह के बेटे अभिमान के साथ किराये के कमरे में रहता था। 28 दिसंबर की सुबह वह बच्चे को लाड़-प्यार करके काम पर निकल गया था। शाम को लौटने पर ममता घर से गायब थी। उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। बाद में जानकारी मिली कि वह अपने पहले पति राजेंद्र की टेवां निवासी बहन के घर गई है।
बृजेश का आरोप है कि जब वह वहां पहुंचा और बच्चा मांगने लगा तो उसके साथ मारपीट की गई। 30 दिसंबर को टेवां चौकी में मामले की शिकायत लेकर पहुंचा तो चौकी इंचार्ज ने उल्टा उसे ही डांट-फटकार कर करीब तीन दिन तक बैठाए रखा। सूत्रों के अनुसार न्याय न मिलने पर प्रेमी ने 19 जनवरी को आईजी प्रयागराज से गुहार लगाई। इसके बाद जब ममता को हिरासत में लिया गया और कड़ाई से पूछताछ हुई तो उसने बच्चे के सौदा करने की बात कुबूल कर ली।