मंझनपुर। अपने बच्चे का सौदा करने की आरोपी महिला की अब तक जिंदगी दगाबाज औरत के रूप में सामने आई है। पति को धोखा देकर प्रेमी संग गई। बच्चे का सौदाकर फिर पति के पास आ गई। हालांकि, जुर्म अभी नहीं तय हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया कि महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव की रहने वाली ममता देवी की पहली शादी खरौना गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद से हुई थी, जिससे उसके चार बच्चे हैं। ट्रक क्लीनर राजेंद्र अधिकतर बाहर रहता था। इसी दौरान ममता का गांव के ही ट्रक चालक बृजेश कुमार से संबंध हो गया। बृजेश पहले से शादीशुदा है और उसके छह बच्चे हैं।
करीब दो साल पहले ममता गर्भवती हो गई। इसकी जानकारी होने पर राजेंद्र घर लौटा और विवाद बढ़ा। पुलिस की मध्यस्थता के बाद दोनों अलग हो गए। इसके बाद ममता ने राजेंद्र को छोड़कर बृजेश से कोर्ट मैरिज कर ली और प्रयागराज में रहने लगी, जहां उसने एक बेटे को जन्म दिया। प्रेमी बृजेश के अनुसार 28 दिसंबर को ममता उसके छह माह के बच्चे को लेकर पहले पति के संपर्क में आई और टेवां में ननद के घर रहने लगी।
सूत्रों के मुताबिक यहीं से उसने डफरिन अस्पताल की नर्स अनिता शुक्ला के जरिये दिल्ली के रहने वाले एक निसंतान दंपती से बच्चे का सौदा कर लिया और 95 हजार रुपये ले लिए। कौशाम्बी पुलिस का दावा है कि बच्चे को सौंपने से पहले ही बरामद कर लिया गया। पुलिस अब सौदेबाजी के नेटवर्क और पैसों के लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।