सड़क पर संभलकर चलें। बारिश की वजह से सुबह और शाम बड़ी संख्या में कीड़े उड़ते रहते हैं। इनकी वजह से आंख की रोशनी जा सकती है। इतना ही नहीं थोड़ी सी लापरवाही आपको जिंदगी भर का अंधेरा और दर्द दे सकती है। आंखों में पड़ने वाली धूल और कीडे़ आंख की पुतली में घाव कर सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी से ऐसी परेशानी से बचा जा सकता है।
मौसम के बदलते मिजाज के साथ तरह-तरह की संक्रामक बीमारियों ने पांव पसार लिया है। डायरिया, बुखार, सर्दी के साथ आंख पीड़ितों की भी संख्या में इजाफा हो रहा है। आंखों में वायरल की शिकायत आम होती जा रही है। जिला अस्पताल में रोजाना 30-40 नेत्ररोगी पहुंच रहे हैं। हवा में उड़ने वाले कीड़े के साथ धूल के महीन कण आंखों में पड़ते ही पुतली के अंदर की तरफ घाव करना शुरू करते देते हैं। इसके अलावा बबूल आदि के पेड़ में लगे फूलों के पराग कण भी आंखों में बीमारी फैला रहे हैं। थोड़ी सी चूक जिंदगी भर का दर्द दे सकती है। ऐसे में सावधानी से ही आंखों को बचाया जा सकता है।
बीमारी के लक्षण
0 आंख में कीड़े और कण पड़ने के बाद खुजली तथा जलन
0 धीरे-धीरे आंखों में लालिमा के साथ पानी बहना
0 जलन-खुजली के साथ दर्द का होना
0 रात में सोने के बाद सुबह आंख का बंद होना
0 आंखों में पानी आने के बाद धुंधलापन छा जाना आदि
बचाव के उपाय
0 कीड़ा या धूल का कण पड़ने पर साफ पानी से आंख को तुरंत धोएं।
0 आंख को दिन में तीन से चार बार साफ पानी से धुलें।
0 घरेलू इलाज का प्रयोग आंखों में कतई न करें।
0 आंखों में दर्द और जलन होने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।
मौसम के साथ बीमारी भी फैलती है। इन दिनों नेत्र रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। सुबह शाम उड़ने वाले कीट-पतंगे आंखों के लिए घातक हो सकते हैं। आंख की पुतली में घाव होने के बाद रोशनी भी जा सकती है। ऐसे में नेत्र विशेषज्ञ के परामर्श के बाद ही किसी प्रकार का उपचार शुरू करें।
डॉ. एसके यादव
नेत्र रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल