सगे भाई से धोखा खाए एक व्यक्ति को इंसाफ पाने के लिए 40 साल का वक्त लग गया। अफसर व अदालत की चौखट पर माथा टेकने के बाद भी पीड़ित भाई ने हार नहीं मानी। आखिरकार उसकी मेहनत रंग लाई और कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने बुधवार को आरोपी के बड़े भाई के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया।
करारी कोतवाली क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव निवासी सूबेदार पुत्र स्व. राम स्वरूप ने बताया कि उसके पिता की मौत पांच दिसंबर 1980 को हुई थी। पिता की मौत के बाद वह जब अपने हिस्से की जमीन के लिए भाई राम नारायण के पास पहुंचा तो उसने बताया कि पिता ने जिंदा रहते हुए उसके नाम सारी जमीन कर दी। इस पर सूबेदार हैरान रह गया। काफी छानबीन करने के बाद पता चला कि बड़े भाई ने पिता को 28 मार्च 1980 को ही मृत दिखाकर जमीन अपने नाम करा ली।
जबकि पिता की मौत जमीन की वरासत से करीब नौ महीने बाद हुई। इस धोखाधड़ी की जानकारी होने के बाद सूबेदार इंसाफ के लिए अफसरों का चक्कर लगाने लगा। उसने इस दौरान पिता की मौत से जुड़े तमाम साक्ष्य भी संकलित किए। काफी प्रयास के बाद भी उसे सफलता नहीं मिल रही थी। इसके बाद भी सूबेदार ने हिम्मत नहीं हारी। उसने बड़े भाई को सबक सिखाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर 40 साल बाद करारी पुलिस ने आरोपी भाई राम नारायण के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। इस बाबत इंस्पेक्टर अशोक कुमार का कहना है घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।