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बीएसएनएल के बेसिक फोन से तौबा

Sun, 25 Jan 2015 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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करारी। कस्बे के 90 फीसदी से अधिक बेसिक फोन धारकों ने बीएसएनएल से तौबा कर ली है। दो साल के भीतर एक-एक करके ज्यादातर उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन कटा लिए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिल भुगतान के बाद भी अक्सर फोन डिब्बा बने रहते हैं। लाइन में आई खराबी कई-कई शिकायतों के बाद भी दुरुस्त नहीं की जाती है।
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बता दें कि कनेक्टिंग इंडिया का नारा देते हुए बीएसएनएल ने 90 के दशक में करारी कस्बे टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित किया था। तब कस्बे के शैक्षिक संस्थानों, सेठ-साहूकारों के साथ ही कस्बे के करीब 250 लोगों ने बेसिक फोन का कनेक्शन लिया था। लोग बताते हैं कि करीब 10 साल तक तो बीएसएनएल की सेवा ठीक रही। पर, धीरे-धीरे विभागीय अफसर और कर्मचारी मनमानी पर उतर आए। आज आलम यह है कि करारी एक्सचेंज पर कौन कर्मचारी तैनात हैं। खुद कस्बाइयों की इसकी कोई जानकारी नहीं है। लोग बताते हैं कि जितने भी कर्मी तैनात हैं, सभी अक्सर ड्यूटी से लापता रहते हैं। इससे तनिक भी खराबी आने पर कई-कई महीने टेलीफोन सेट डिब्बा बने रहते हैं।

बार-बार शिकायतें करने के बाद भी महीनों लाइन में आए फाल्ट को ठीक नहीं किया जाता है। विभागीय अफसर और कर्मचारियों की इस मनमानी से आजिज उपभोक्ताओं ने धीरे-धीरे बीएसएनएल से तौबा करनी शुरू कर दी। आज आलम यह है कि कस्बे के 250 कनेक्शन में से 25-30 उपभोक्ता ही बचे हैं। बता दें कि रिजवी कालेज करारी में ही बीएसएनएल की बेसिक सेवा के 13 कनेक्शन थे। आज की तारीख में सिर्फ दो कनेक्शन बचे हैं। स्कूल के प्रबंधक कर्रार हुसैन रिजवी बताते हैं कि जब सेवा ही नहीं मिलती है, तो कनेक्शन रखने का क्या मतलब है। कुछ ऐसी ही समस्या कस्बे के रहने वाले सैदाए रजा, जवाहरलाल जायसवाल, पिन्टू, युसुफ हुसैन, हाजी मोहम्मद हसनैन आदि भी गिनाते हैं।
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