प्रबंधक का कहना है कि उस समय शाखा में ड्यूटी पर कैशियर अमित पांडेय के अलावा कैश वैन के अधिकारी ओम प्रकाश मौजूद थे। कुछ देर बाद अमित पांडेय ने फोन कर उन्हें बताया कि कैश गाड़ी आ रही है और काउंटर में रुपये कम हैं। शाखा प्रबंधक ने कहा कि काउंटर में 30 लाख रुपये अतिरिक्त रखे हुए हैं। कैश वैन अधिकारी को उसे उपलब्ध करा दिया जाय। इसके बाद भी कैशियर ने पैसा नहीं होने की जानकारी दी तो मैनेजर सकते में आ गए। वह तत्काल अफसरों को खबर देने के साथ बैंक पहुंचे।
बैंक में लेनदेन का ब्योरा निकाला तो 30 लाख रुपये के अलावा पहले से मौजूद काफी रकम का हिसाब नहीं मिल सका। पूछने पर कैशियर ने कुल 41 लाख 22 हजार 845 रुपये गबन किया जाना स्वीकार किया। इसका वीडियो भी शाखा प्रबंधक ने बनवा लिया है। घटना की सूचना बैंक के वरिष्ठ अफसरों को देने के साथ ही मैनेजर ने पुलिस को कैशियर के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने कैशियर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। इस बाबत एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कैशियर को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। वहीं पुलिस ने बुधवार को देर शाम पूछताछ के कैशियर को जेल भेज दिया।
कैशियर के निलंबन व विभागीय जांच की संस्तुति
बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार कंचन ने बताया गबन के आरोपी को निलंबित करने और विभागीय जांच कराने की संस्तुति करके गोरखपुर हेड ऑफिस पत्र भेज दिया गया है। इसके बाद वरिष्ठ अफसर जांच अधिकारी नियुक्त करेंगे। जांच के बाद आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
11 घंटे तक गुमराह करता रहा कैशियर
आरोपी कैशियर ने गबन की बात कुबूल करने के बाद करीब 11 घंटे तक अफसरों को गुमराह करता रहा। पहले कहा कि 20-20 लाख उसने अपने दो दोस्तों को दिए हैं। वह पैसा मंगवाकर दिला देगा। अफसरों ने भी संवेदना दिखाई और पैसा आने के इंतजार करने लगे। इसके बाद भी जब पैसा नहीं मिला तो शाखा प्रबंधक ने पुलिस को तहरीर दी।
बैंक में रहा आपाधापी का महौल, लेनदेन प्रभावित
फकीराबाद स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में रोजाना करीब 25 से 30 लाख का लेनदेन होता है। कैशियर द्वारा 41 लाख से ज्यादा का गबन किए जाने के बाद मंगलवार व बुधवार को बैंक में आपाधापी का महौल रहा। बैंक से जुड़े सूत्रों की मानें तो गबन की जानकारी के बाद अफसर व पुलिस की जांच से लेनदेन प्रभावित हुआ।