जिले के आधे से ज्यादा बैंक खाली हो चुके हैं। कैश न होने से केवल यहां रुपया ही जमा कराया जा रहा है। इससे रुपया निकालने गए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कैश न मिलने पर लोगों के गुस्से का शिकार भी बैंक कर्मी होने लगे हैं। शनिवार को कई जगह बैंक कर्मियों से नोकझोंक हुई। इसका असर कारोबार पर भी पड़ा। शनिवार को कुल 40 करोड़ का ही कारोबार हुआ। अब तक का यह सबसे न्यूनतम आंकड़ा है।
पुरानी नोट बंद होने के 11 वें दिन बैंकों ने ग्राहकों को खूब रुलाया। जिले में कुल 125 बैंक शाखाएं हैं। इनमें से लगभग 70 बैंकों में रुपया ही नहीं था। मुख्यालय समेत सभी बैंकों में रोज की तरह रुपया लेने वालाें की भीड़ जुटी, लेकिन उन्हें वापस ही लौटना पड़ा। ग्रामीण बैंकों का सबसे ज्यादा बुरा हाल रहा। इस बैंक की जहां-जहां भी शाखाएं हैं, कहीं भी रुपया नहीं था। इससे परेशान भीड़ ने बैंक कर्मियों से झड़प की। लोग नाराजगी जताते हुए बाहर निकले।
मूरतगंज, देवीगंज, शीतलाधाम, विजिया, सरायअकिल, मनौरी, म्योहर आदि बैंकों के बाहर रुपये की आस में लोग सुबह से शाम तक बैठे रहे, लेकिन रुपया नहीं मिला। शनिवार को बैंकों में 20 करोड़ जमा हुआ और 20 करोड़ रुपया निकाला गया। एसबीआई की सभी शाखाएं काम करती रहीं, लेकिन अन्य बैंकों से ग्राहक लगातार वापस होते रहे। जिले में अब तक 470 करोड़ रुपया जमा हुआ है, जबकि लोगों ने 228 करोड़ रुपये निकाले हैं। एलडीएम दिनेश मिश्र ने बताया कि यह बात सही है कि शनिवार को अधिकांश बैंकों में कैश नहीं था। सोमवार को कैश आने की संभावना है। कहा कि कैश की मांग पहले से हो रही है।