जिला मुख्यालय मंझनपुर में अफसरों की नाक के नीचे बन रही सड़क में बाल श्रमिकों से मजदूरी कराई जा रही है। ठेकेदारी की इस मनमानी पर अफसर भी ं चुप्पी साधे हैं। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में बालश्रम को लेकर अफसर कितने संजीदा हैं।
जनपद मुख्यालय में मंझनपुर विकास भवन के समीप से महमदपुर तक सड़क बनाई जा रही है। इस सड़क के निर्माण का शिलान्यास सांसद ने कई महीने पहले किया था। पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाई जा रही सड़क में ठेकेदार बालश्रम कानून की धज्जियां उडा़ते हुए बाल मजदूरों से कड़ी मेहनत करा रहा है। 12 से 15 साल के किशोर तसले में गिट्टियां भरकर उसे सिर में रखकर सड़क पर फेंक रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ठेकेदार बाल मजदूरों से मजदूरी मंझनपुर में जिस रास्ते पर करा रहा है। वहीं से रोजाना कई कई विभागाध्यक्ष और अन्य आला अधिकारियों का रोज आना-जाना है। पर, उनकी नजर भी सड़क निर्माण में लगे बाल श्रमिकों पर नहीं पड़ रही है। ऐसा नहीं है कि सड़क निर्माण में लगे बाल श्रमिकों की बावत श्रम विभाग के जिम्मेदारों को जानकारी नहीं है। लेकिन विभागीय लोगों ने भी आंख में पट्टी बांध रखी है। मुख्यालय में अफसरों की नाक के नीचे बाल श्रमिकों से कराई जा रही हाड़तोड़ मेहनत देखकर लोग आश्चर्य में है। लोगों का कहना है कि यही बाल श्रमिक यदि किसी रेस्तरां अथवा चाय-पान, बाइक मरम्मत की दुकान में होता, तो बाल श्रम विभाग के अधिकारी तत्काल दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई कर देते। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही बालश्रम विभाग ने मंझनपुर, चायल, पुरामुफ्ती आदि बाजारों में छापेमारी करके ऐसी ही दुकानों से दर्जनभर लड़कों को पकड़ा था, लेकिन जिला मुख्यालय में सड़क बनाने में जुटे बालश्रमिकों पर विभाग की नजर नहीं पड़ रही है।