इलाज के दौरान कांस्टेबल की मौत हो गई थी। मामले में साथी कांस्टेबल ने प्रयागराज के शंकरगढ थाना क्षेत्र के मोदी नगर वार्ड नंबर पांच निवासी बबिता केसरवानी का नाम दौरान विवेचना प्रकाश में आया था। बबिता की ओर से दी गई जमानत अर्जी पर बहस करते हुए अधिवक्ता ने उसे निर्दोष बताया।
जिला जज अनुपम कुमार ने सराय अकिल थाना क्षेत्र में ऑनड्यूटी कांस्टेबल को कार से टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल करके गैर इरादतन हत्या के मामले में सहयोगी महिला आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी के खिलाफ साथी पुलिस कांस्टेबल ने थाना सराय अकिल में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
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वादी अभियोजन के अनुसार 28/29 जनवरी की रात थाना सराय अकिल के तीन कांस्टेबल पुरखास-सराय अकिल रोड पर उस्मानपुर तलरी गांव के पास बैरियर लगा कर आने-जाने वाले वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी पुरखास की ओर से आ रही एक सफेद रंग की कार के चालक ने गाडी रोकने का इशारा करने पर जानबूझकर बैरियर के पास खडे कांस्टेबल अवनीश दुबे को टक्कर मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
इलाज के दौरान कांस्टेबल की मौत हो गई थी। मामले में साथी कांस्टेबल ने प्रयागराज के शंकरगढ थाना क्षेत्र के मोदी नगर वार्ड नंबर पांच निवासी बबिता केसरवानी का नाम दौरान विवेचना प्रकाश में आया था। बबिता की ओर से दी गई जमानत अर्जी पर बहस करते हुए अधिवक्ता ने उसे निर्दोष बताया। राज्य सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने जमानत का विरोध किया। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने शनिवार को महिला की जमानत अर्जी खारिज कर दी।