गरज के साथ बरसे बदरा, अन्नदाताओं की बढ़ी परेशानी
गेहूं और सरसों की फसल के नुकसान के आसाार, उत्पादन घटने की भी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिले में शनिवार की शाम तेज गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। हवा के साथ बरसात होने के से गेहूं और सरसों समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान होने के आसार हैं। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। माैसम वैज्ञानिक रविवार को भी बारिश की उम्मीद जता रहे हैं।
मौसम शनिवार सुबह से ही खराब था। बादल छाने के कारण बारिश के आसार बन रहे थे, लेकिन दोपहर में आसमान साफ हो गया। धूप भी खिल गई थी। देर शाम अचानक तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। मंझनपुर में करीब एक घंटे झमाझम बारिश हुई। इसके बाद भी बूंदाबांदी जारी रही। वहीं, शहर में बारिश के कारण कई जगह जलभराव हो गया। न्यूनतम तापमान 18.08 और अधिकतम 27.6 पहुंच गया। वहीं सरायअकिल, नेवादा और कौशाम्बी समेत अन्य इलाकों में कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश हुई। नेवादा ब्लॉक के बहुंगरा निवासी कमलाकांत तिवारी, बसुहार के पूर्व प्रधान संगमलाल मिश्र, बरई के संतोष कुमार और राम छाया मौर्य ने बताया कि यह बारिश किसी भी फसल के लिए लाभदायक नहीं है। इस समय गेहूं की 50 फीसदी फसल में बाली आ गईं हैं। सरसों में पकने की कगार पर है। बहुत से किसानों ने तो कटाई भी शुरू कर दी है। कुछ लोग इसकी तैयारी में थे। बारिश संग तेज हवा के कारण पूरी फसल गिर गई है। इससे उत्पादन का घटना लगभग तय है।
फसल गिरने के बाद दाना हो जाएगा पतला
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि गेहूं की जिस फसल में बाली आ गई है, उसे नुकसान कम होगा। जिसमें बाली नहीं है, उसके गिरने से ज्यादा क्षति पहुंचेगी। इससे गेहूं के दाने की लंबाई और मोटाई दोनों घट जाएगी। इससे उत्पादन पर भी असर होगा। इसी तरह सरसों में भी नुकसान होने की उम्मीद है। जिन दलहनी फसलों में अभी बाली नहीं आई हैं, उनके लिए यह बारिश कुछ फायदेमंद है। जिनमें बाली आ गईं है उन्हे भी नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि रविवार को भी बारिश होने के आसार हैं।