यमुना नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले 24 घंटे में 65 सेंटीमीटर जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, यमुना खतरे के निशान से अभी पांच मीटर दूर है। दूसरी ओर गंगा नदी के जलस्तर में भी वृद्धि देखी गई है। हालांकि इसे अभी सामान्य बताया जा रहा है।
गंगा व यमुना नदी की तराई में बसे गांव के लोगों के लिए पहाड़ों में हो रही बरसात किसी चिंता से कम नहीं है। बीते साल लोगों को दो बार बाढ़ का सामना करना पड़ा। इस दफा चौथी बार जलस्तर बढ़ा है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटे में 65 सेंटीमीटर जलस्तर की बढ़ोतरी हुई है। अभी यमुना का जलस्तर करीब 88.93 मीटर पहुंच गया है। जबकि जिले में खतरे का निशान 93 मीटर है।
ऐसे में मंझनपुर तहसील क्षेत्र के बड़हरी, भवनसुरी, कटरी, पभोषा, मल्हीपुर, चकपिपरहटा आदि 11 गांवों की करीब 10 हजार बीघा बाजरा, अरहर, तिल्ली की फसल नष्ट हो चुकी है। नदी का पानी भन्नई नदी के रास्ते बड़हरी गांव को जोड़ने वाली मार्ग को पूरी तरह से जलमग्न कर चुका है। गांव के लोगों के लिए अब नाव ही आने-जाने का सहारा है।
इधर, सोमवार को मल्हीपुर गांव की सड़क में पानी आ गया, तो भवनसुरी गांव में सड़क से बाढ़ का पानी करीब पांच फीट दूर है। बड़हरी गांव के रामबालक द्विवेदी, मनोज कुमार और छोटे लाल आदि ने बताया कि गांव के लोगों का काम के साथ स्कूली बच्चों की पढ़ाई डेढ़ महीने से प्रभावित है।
इस साल पहली बार 20 जुलाई को बाढ़ का पानी तीन दिनों तक, दूसरी बार 27 जुलाई को 15 दिन, तीसरी बार 26 अगस्त को बढ़े जलस्तर का पानी पांच दिन तक बना रहा। पानी से गांव का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कटा रहा। जलस्तर कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली थी लेकिन पहाड़ों के साथ बैराजों से छोड़े गए पानी से छह सितंबर को फिर से जलस्तर बढ़ने के कारण नाव के सहारे आवागमन शुरू हो गया।
इधर, ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों गंदगी पसरी है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से यमुना नदी में दूसरी बार आई बाढ़ में केवल एक दिन दवा का छिड़काव कराया गया था। दूसरी तरफ गंगा नदी में भी जलस्तर बढ़ा है। कुबरी घाट पर बना विद्युत चालित स्टीमर का चार्जिंग स्टेशन डूब गया है। वहीं नदी का पानी घाट के करीब तक पहुंचा है।
बीडीओ और स्वास्थ्य विभाग से मंगलवार को तराई इलाके में दवा छिड़काव के साथ शिविर लगाकर लोगों की जांच करने के लिए कहा जाएगा। – एसपी वर्मा, एसडीएम
यमुना में पानी बढ़ रहा है। गंगा नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से कम है। फिलहाल इस पर नजर रखी जा है। किसी प्रकार की वृद्धि होने पर तुरंत ही एक्शन शुरू हो जाएगा। – जगदीश लाल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई
गंगा नदी के जल स्तर बढ़ने पर डूबा कड़ा के कुबरी घाट पर बना चार्जिग स्टेशन। संवाद- फोटो : 1
गंगा नदी के जल स्तर बढ़ने पर डूबा कड़ा के कुबरी घाट पर बना चार्जिग स्टेशन। संवाद- फोटो : 1
गंगा नदी के जल स्तर बढ़ने पर डूबा कड़ा के कुबरी घाट पर बना चार्जिग स्टेशन। संवाद- फोटो : 1