मंझनपुर/पश्चिमशरीरा। पहाड़ों के साथ ही पश्चिमी यूपी में भारी वर्षा का असर गंगा-यमुना में दिखने लगा है। 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में 74 और 118 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से सदर तहसील के बड़हरी गांव का संपर्क टूट गया है। गंगा-यमुना में बाढ़ को देखते हुए संभावित हालातों से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट हो गया है। डीएम मधुसूदन हुल्गी ने सभी उपजिलाधिकारियों को सतर्कता के साथ निगरानी रखने का निर्देश दिए हैं।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि बीते 24 घंटे के दौरान गंगा का जलस्तर 74 व यमुना का 118 सेमी. बढ़ा है। इस तरह से गंगा में तीन व यमुना नदी के जलस्तर में पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। शनिवार को प्रयागराज के फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.61 मीटर व नैनी में यमुना का जलस्तर 82.63 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। हालांकि, अभी भी दोनों नदियां खतरे के निशान 84.73 से तकबरीन दो मीटर नीचे बह रही हैं।
इधर, शनिवार की दोपहर यमुना का जलस्तर भन्नई नदी के रास्ते बड़हरी गांव में घुस गया। इस कारण सड़क मार्ग से गांव का संपर्क कट गया है। ग्रामीणों के सामने अब आवागमन के लिए मात्र नाव का ही सहारा है। गांव के पंकज सेन, मुन्ना तिवारी आदि ग्रामीणों ने बताया कि हर मिनट यमुना का जलस्तर बढ़ने से चिंता बढ़ गई है।
तहसीलदार मंझनपुर के सिद्धांत कुमार ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल पंकज यादव को मौके पर भेज कर नाव की व्यवस्था करा दी गई है। फिलहाल खतरे जैसी कोई बात नहीं है। वहीं, पश्चिमशरीरा थानाध्यक्ष त्रिलोकीनाथ पांडेय ने हमराहियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर हल्का इंचार्जों को लगातार गश्त करने का निर्देश दिया है।
यमुना का जलस्तर और बढ़ने का अनुमान
सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि शनिवार को राजस्थान के कोटा बैराज से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि, अभी उसका पानी जिले तक पहुंचने में करीब पांच दिन का समय लगेगा। इससे यमुना के जलस्तर में और इजाफा होने का अनुमान है।
जिले में फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। फिर भी बाढ़ संभावित गांवों की निगरानी बढ़ा दी गई है। एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं एक्सईएन सिंचाई को संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों का नियमित भ्रमण कर गंगा-यमुना के जलस्तर का अवलोकन करते रहने के निर्देश दिए गए हैं।-मधुसूदन हुल्गी, डीएम