चायल ब्लॉक के 28 गांव में 17 मॉडल बन चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इनसे मेल नहीं खाती। गांव बदहाल हैं, यहां लोग खुले में शौच जाते हैं। गलियाें में जलभराव व पेयजल की अव्यवस्था है।
17 मॉडल ग्राम पंचायत वाले चायल ब्लॉक में बानगी के तौर पर चिल्ला शहबाजी, जलालपुर शाना व कठरा गांव को देखा जाए तो यहां लोग आज भी बदहाली में जीवन जी रहे हैं। कठरा गांव के गलियों में घरों से निकलने वाला गंदा पानी भरा है।
शौचालय बदहाल हैं। लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है। गांव के रामभवन, कमलेश, लाला, सुरेश आदि ने बताया कि चार हजार की आबादी वाले गांव में लोगों को सरकारी सुविधा नहीं मिल रही है। आवास के लोग लोग भटक रहे हैं।
राजकुमारी व रीता समेत ने बताया कि कच्चे घर में रहना पड़ रहा है। आवेदन के बाद भी आवास का लाभ नहीं मिला। मुख्य मार्ग समेत अन्य रास्तों में गंदगी पसरी है। इसी प्रकार चिल्ला शहबाजी व जलालपुर शाना गांव में लोगों के घरों से निकला गंदा पानी सड़क पर फैला है। यह हाल पूरे साल रहता है।
मॉडल गांव में विकास की योजनाओं का संचालन हो रहा है। हर घर में शौचालय व पेयजल प्राथमिकता है। गली व सड़क में जल निकासी की उत्तम व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। यदि लापरवाही हुई है तो जांच कर कार्रवाई होगी।- रवि शंकर द्विवेदी, डीपीआरओ