जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशाम्बी के तत्वावधान में मंगलवार को एक निजी इंटर कॉलेज सिरसी चरवा, चायल में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का प्रचार-प्रसार, नशा मुक्त एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, पॉक्सो एक्ट, पॉश एक्ट, शोषण के विरुद्ध अधिकार एवं बाल अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
डॉ. नरेंद्र दिवाकर ने पॉक्सो अधिनियम, 2012 को जेंडर न्यूट्रल बताते हुए इसके कठोर दंड प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पॉश एक्ट, 2013 के माध्यम से कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा व समानता सुनिश्चित होने की बात कही। शोषण के विरुद्ध अधिकार एवं बाल अधिकारों से जुड़े संवैधानिक व कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार संजय कुमार ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक व पारंपरिक परिस्थितियों और अज्ञानता के कारण बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं जन्म लेती हैं। इनके उन्मूलन के लिए जागरूकता आवश्यक है।