बैंकों की स्थिति जस की तस बनी है। एटीएम न चालू होने से शनिवार को और भी बदतर स्थिति हो गई। बैंकों में भारी भीड़ उमड़ी। मूरतगंज में बैंक के बाहर हाईवे किनारे लोगों की लंबी लाइन लग गई तो पुलिस को ट्रैफिक कंट्रोल करने में मशक्कत करनी पड़ी। एसबीआई में धक्का-मुक्की सुबह से शाम तक होती रही। तीन दिन के भीतर बैंकों में लगभग चार सौ करोड़ का कारोबार हुआ। इसमें जमा के साथ ही रुपये की निकासी भी हुई।
पांच सौ व एक हजार रुपये की नोट बंद होने से जिले की व्यवस्था चरमरा गई है। रोजमर्रा की चीजों को खरीदने के लिए लोगों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दुकानों से लोगों को अब सामान भी उधार नहीं मिल रहा है। नतीजतन लोगों ने बैंक का रुख करना शुरू कर दिया है। सुबह से ही जिले के 125 बैंक की शाखाओं मे लोगों की भीड़ जुट जाती है। शनिवार को स्थिति और विकट हो गई। बैंकों में बड़ी संख्या में लोग आए।
एसबीआई मंझनपुर की शाखा में पैर रखने की तक की जगह नहीं थी। हो हल्ला मचने पर पुलिस ने लोगों को शांत कराया। बैंक आफ बड़ौदा की शाखा मूरतगंज में भीड़ जुटी तो पुलिस को मदद में उतरना पड़ा। बैंक के बाहर जीटी रोड किनारे 100 मीटर तक की लाइन लगी थी। इसकी जानकारी होते ही पुलिस ने मूरतगंज में ट्रैफिक संचालन न गड़बड़ाए और लाइन में खड़े लोग सुरक्षित रहे, इसके लिए अलग से बंदोबस्त किए। चौकी व तिराहा के पहले से वाहनों को नियंत्रित किया जाने लगा। यही स्थिति सरायअकिल, भरवारी और सिराथू के बैंकों की रही। एलडीएम दिनेश मिश्र ने बताया कि तीन दिन में लगभग चार सौ करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। नोट बदलने के लिए बैंकों में अलग से काउंटर लगे हैं। जमा करने के लिए लोगों की भीड़ ज्यादा आ रही है।
एटीएम न काम करने से बढ़ी परेशानी
जिले के अधिकांश एटीएम शनिवार को भी बंद रहे। जिला मुख्यालय में सिंडीकेट बैंक के एटीएम का दरवाजा सुबह खुला तो 11 बजे तक यहां लाइन लग गई। रुपया निकालने की होड़ में आपस में ग्राहक खूब उलझे, कहासुनी भी हुई। पुलिस के आने पर लोग शांत हुए, लेकिन दोपहर बाद एटीएम ही खाली हो गया। मुख्यालय के अन्य एटीएम बंद रहे। एसबीआई का एटीएम भी लोगों की मदद नहीं कर पाया।