विकास खंड कौशाम्बी में प्रधानमंत्री आवास आवंटन के लिए बोली लगने लगी है। ब्लॉक में तैनात एक अधिकारी मुंह मांगी रकम मिलने पर पात्रता सूची में हेराफेरी कर रहा है। इससे लाभार्थियों तक पहुंचने से पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना का बंटाधार होने लगा है। ब्लॉक में तैनात अधिकारी के निर्देश पर ग्राम सभा में तैनात सेक्रेटरी वसूली के लिए माया जाल फैलाने में लगे हैं।
केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को एक अदद आवास मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन किया गया। इसके पात्रों का चयन वर्ष 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना के आंकड़ों से किया गया है। पात्रता चयन के बाद अब इंटरनेट से सूची निकालकर क्रमानुसार लक्ष्य के अनुरूप आवास आवंटन किया जाना है, लेकिन ब्लॉक में तैनात एक द्वितीय श्रेणी का अधिकारी आवास आवंटन में वसूली का मायाजाल फैला रहा है। उसके द्वारा प्रति आवास 20 हजार रुपये की डिमांड गांवों में तैनात पंचायत सचिवों से कर रहा है।
एक ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि अब तक जाठी और अइगवां की पात्रता सूची प्रिंट हुई है। इन ग्राम सभाओं में पात्रता सूची तोड़कर आवास आवंटन की कवायद की जा रही है। महकमे के लोगों का तो यहां तक कहना है कि ब्लॉक अधिकारी को एक जिला स्तरीय अधिकारी का सहयोग प्राप्त है। इसके चलते पूरे ब्लॉक क्षेत्र में उसका डंका बज रहा है।