विधानसभा चुनाव के बाद अब राजीनीतिक दल और प्रशासन मतगणना की तैयारियों में लगे हैं। दलों और प्रशासन स्तर पर मतगणना का खाका लगभग तैयार कर लिया गया है। हर विधानसभा में 14-14 टेबलों पर मतों की गिनती होगी। यानी एक राउंड में 14 ईवीएम की गिनती होगी। विधानसभावार जितने भी बूथ हैं, उसी के अनुसार निर्धारित चक्र में गणना पूरी कर ली जाएगी।
प्रत्येक टेबल के लिए प्रत्याशियों के एक-एक एजेंट बनाए जाएंगे। प्रशासन ने प्रत्येक प्रत्याशी के लिए कुल 17 एजेंट बनाएं हैं। इनमें से 14 एजेंट टेबल पर तो पोस्टल बैलट, खानपान सेवा व वीवी पैट मशीन से निकलने वाली पर्ची की जांच के लिए एक-एक एजेंट को पास जारी किए गए हैं।
जिले की चायल, मंझनपुर और सिराथू विधानसभा के स्ट्रांग रूम ओसा स्थित नवीन मंडी स्थल में बनाए गए हैं। यहां दस मार्च की सुबह स्ट्रांग रूम के बाहर ही विधानसभा वार वोटों की गिनती होगी। शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतगणना के लिए प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं मुकम्मल की जा रहीं हैं। मतगणना में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। हर विधानसभा में 14 टेबल लगाई जाएगी। इसके अलावा आरओ व एआरओ के लिए एक-एक टेबल लगेगी। एक टेबल पर वीवीपैट की पर्चियों की गिनती होगी।
वीवीपैट की पर्चियां हर विधानसभा के पांच बूथों की गिनी जाएंगी। वहीं एक टेबल ऐसी होगी जिस पर पोस्टल बैलेट वोटों की गिनती की जाएगी। दो टेबल आरक्षित होंगी। प्रशासन ने पोस्टल बैलट पेपर की गणना पहले कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए विधानसभावार एजेंट और मतगणना कर्मियों को मतगणना कक्ष में बुलाया गया है।
एजेंटों को दिखाएंगे हर राउंड के परिणाम
मतगणना के दौरान पंडाल में निर्धारित कर्मचारी ही जा सकेंगे। एक टेबल पर एक माइक्रो ऑब्जर्बर, एक सुपरवाइजर, एक गणनाकर्मी और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रहेगा। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, वही पंडाल के अंदर जा सकेंगे। प्रत्याशी व एजेंट बाहर रहेंगे। सभी मतगणना की हर टेबल पर नजर रख सकेंगे। मतगणना के दौरान सीसीटीवी कैमरे तो लगे ही रहेंगे साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। हर राउंड की मतगणना के रिजल्ट एजेंटों, प्रत्याशियों को नोट कराए जाएंगे। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद रहेगी।