उप्र आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष प्रतिभा मिश्रा की अध्यक्षता में एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन चिकित्सा अधीक्षक को सौंपा।
जिला अध्यक्ष प्रतिभा मिश्रा ने कहा कि उनकी जायज मांगों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जिला समितियां और सरकार बिल्कुल गंभीरता से नही ले रही है। विभिन्न कार्यों की प्रोत्साहन राशि नहीं दी जा रही है और शृंखला के 74 कार्यों के अलावा विशेष कार्यों की जवाबदेही उन्हें ही देनी होती है। जबकि आधार प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी समय से नहीं किया जाता है। कई बार समस्याओं का ज्ञापन सौंपने के बाद भी उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक से कहा कि समस्याओं का अतिशीघ्र निपटारा नहीं किया गया तो आशा कार्यकर्ता सड़क पर उतरने को बाध्य होंगी। इस दौरान सौंपे गए ज्ञापन के द्वारा आशा, आशा सांगिनी को 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन कि सिफारिश के अनुरूप सरकारी कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की। इसके साथ 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा, 50 लाख का जीवन बीमा समेत आशा कार्यकर्ताओं को 21 हजार और आशा सांगिनी को 28 हजार रुपये मानदेय दिया जाए। साथ ही फाइव इंटरनेट सेवा की सिम समेत मोबाइल दिया जाए। केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न प्रोत्साहन का बकाया 1.5 लाख करोड़ का भुगतान किया जाए।
चिकित्सा अधीक्षक संजय कुमार ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए शासन को अवगत कराया जाएगा। इस मौके पर सचिव प्रभा देवी, मिथलेश कुमारी, संतोष कुमारी, मालती देवी, कविता देवी, नीलम श्रीवास्तव, कांति देवी, पूनम पटेल, अनूपा और किरन देवी मौजूद रहीं।