मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर में लाइन पर खड़े मरीज। संवाद
ठंड की शुरुआत के साथ ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम, बुखार और मौसमी बीमारियों के मामलों में वृद्धि होने की आशंका को देखते हुए विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली है। अब आशा बहुएं घर-घर सर्वे कर सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों की निगरानी करेंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से ठंड से बचाव के उपाय अपनाने और विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की अतिरिक्त देखभाल करने की अपील की है। निर्देशों के अनुसार, आशा बहुएं गांव-गांव सर्वे करेंगी और खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की सूची तैयार करेंगी। मरीजों को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भेजकर उनका उपचार कराया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों ने चिकित्सकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या और बीमारियों पर विशेष निगरानी रखें। साथ ही, ठंड से संबंधित रोगों जैसे सांसों में संक्रमण, निमोनिया और त्वचा रोगों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
मेडिकल कॉलेज के मुख्य अस्पताल के फिजिशियन और बालरोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहती हैं। यहां पर रोजाना 250 से 300 मरीज इलाज कराने आते हैं जिनमें से 150 से अधिक मरीज इन्हीं बीमारियों से ग्रसित होते हैं।
तेजी से फैलता है संक्रमण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को ठंड से बचाव के उपायों, टीकाकरण और साफ-सफाई के महत्व की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम बदलने के साथ संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही चिकित्सक से संपर्क करें। विभाग ने लोगों से अपील की कि वे गर्म कपड़े पहनें, भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी करेंगी, ताकि ठंड से संबंधित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।