मुसीबत बने यमुनापार के अन्ना जानवर
किसानों की फसल बर्बादी के साथ सड़क हादसों का बन रहे कारण
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी में अन्ना मवेशी पुलिस और प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। मवेशियों का झुंड जहां फसल को तबाह कर रहे हैं वहीं सड़क हादसों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसके बावजूद यहां पशु गणना के मुताबिक जो मवेशी छोड़े गए हैं, उन्हें विभाग ने गोशाला में रखा है।
अन्ना मवेशियों ने जिले के लोगों का हाल खराब कर रखा है। गांव-गांव झुंड में आने वाले मवेशी फसल बर्बाद कर रहे हैं। जिस खेत में मवेशियों का झुंड पहुंचता है वहां की फसल बर्बाद हो जाती है। इसी बात को लेकर प्रशासन ने पिछले दिनों गोशाला बनाने का निर्णय लिया। इसके बाद भी मवेशियों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। किसानों के अलावा आम आदमी सड़क पर चलने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो यहां एक स्थाई व 35 अस्थाई गोशाला है। इनमें 3000 हजार अन्ना मवेशियों को रखा गया है। इसके बाद भी अन्ना मवेशियों की संख्या में कमी नहीं हो रही है। विभागीय अफसरों का मानना है कि जो मवेशी सड़क या खेत में दिख रहे हैेेें वे यमुनापार से इस तरफ भेजे गए हैं। इन मवेशियों के लिए पुलिस से पत्राचार किया गया है। लेकिन बार्डर में चेकिंग नहीं होने के कारण लोग यहां मवेशी लाकर छोड़ जाते हैं।
वहीं मंझनपुर निवासी शिक्षक कन्हैया शर्मा अपने साथी शिक्षक देवेंद्र के साथ पिछले दिनों सयारा एक पार्टी में गए थे। वापस लौटते वक्त सड़क पर आई गाय को बचाने में दोनों पलट गए। हादसे में कन्हैया का हाथ टूट गया जबकि उसके साथ रहे देवेंद्र को गंभीर चोट आई है। इसी तरह शनिवार को म्योहर में अन्ना मवेशियों को बचाने में गैस सिलिंडर लदा ट्रक पलट गया। इससे चालक घायल हो गया। वहीं सीवीओ डॉ. बीपी पाठक का कहना है कि कौशाम्बी की पशु गणना के हिसाब से जो अन्ना मवेशी हैं, उन्हें आश्रय गृह में रखा गया है। ज्यादातर लोग यमुनापार से यहां मवेशी छोड़ जाते हैं। इसकी वजह से यहां दिक्कत आ रही है।