कोखराज थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव के निकट बृहस्पतिवार की सुबह करीब 9:30 बजे आठवीं की छात्रा ने चौरीचौरा एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी। पुलिस को घटनास्थल से छात्रा का स्कूल बैग और साइकिल मिली। बैग में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान निशा देवी के रूप में हुई। घटना का कारण पता नहीं चल सका।
कोखराज इंस्पेक्टर चंद्रभूषण मौर्य के मुताबिक, वार्ड-20 केशव नगर के भटपुरवा के पास सुबह छात्रा साइकिल से बार-बार चक्कर लगा रही थी। लोगों ने कई बार आते-जाते देखा तो उससे सवाल किए लेकिन छात्रा ने किसी को कोई जवाब नहीं दिया। थोड़ी देर बाद चौरीचौरा ट्रेन आती दिखी तो उसने अचानक अपनी साइकिल छोड़ दी और ट्रेन के आगे कूद गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता छात्रा के शरीर के कई टुकड़े हो गए।
छात्रा की साइकिल में स्कूल बैग लटक रहा था। बैग में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान निशा देवी पुत्री अदालती निवासी महमदपुर थाना कोखराज के रूप में हुई। वह जनहितकारी इंटरमीडिएट कॉलेज चाकवन में पढ़ती थी। पुलिस ने जैसे ही छात्रा की मौत की खबर घर वालों को दी, वे घटनास्थल की ओर भागे। बुआ मीना देवी ने बताया कि छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। मृतक छात्रा के दो छोटे भाई हैं। पिता मुंबई में काम करते हैं।
मोबाइल फोन बदल रहा व्यवहार
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एचके सिंह का कहना है कि बच्चों के स्वभाव में इन दिनों परिवर्तन देखने को मिल रहा है। वे छोटी-छोटी बातों पर आक्रोशित हो जाते हैं। कभी-कभी अनुचित कदम भी उठा लेते हैं। ऐसी स्थिति को रोकने के लिए बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए। माता-पिता और दादा-दादी को चाहिए कि वे बच्चों के लिए समय निकालें। इससे परिवार में एकता और अपनापन बढ़ेगा। प्रयास करें कि घर में मोबाइल फोन से दूरी बनाकर बच्चों के साथ समय बिताएं। इससे उनकी मनोदशा और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। बच्चों के स्वभाव में परिवर्तन का एक प्रमुख कारण मोबाइल का अत्यधिक उपयोग भी है।
निशा देवी, फाइल फोटो।