तहसील के धुमाई गांव में लेखपाल ने औरैया जनपद की एक महिला का फर्जी तरीके से निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया। जेठानी की जमीन हड़पने के उद्देश्य से बने निवास की शिकायत के बाद तहसील प्रशासन प्रमाण पत्र निरस्त करने की तैयारी में है। साथ ही एसडीएम ने संबंधित लेखपाल से जवाब-तलब किया है। आरोपी महिला शादी के बाद से अपनी ससुराल औरैया में बिधूना तहसील के कुकुरहाट गांव में रहती है।
धुमाई गांव की शांति देवी पत्नी ओमप्रकाश ने आईजीआरएस के जरिये डीएम मधुसूदन हुल्गी को प्रार्थनापत्र भेजा था। शिकायत की थी कि उसके पिता की पैतृक संपत्ति हड़पने के लिए औरैया जनपद के बिधूना तहसील अंतर्गत कुकुरहाट गांव में रहने वाली उसकी देवरानी सुशीला देवी पत्नी स्व. सुरेंद्र कुमार ने लेखपाल से मिल कर फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवा लिया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम सिराथू योगेश कुमार गौड़ को जांच के निर्देश दिए।
तहसीलदार अनंत राम ने प्रकरण की जांच की तो आरोप सही पाए गए। उन्होंने बताया कि आरोपी सुशीला औरैया जनपद की रहने वाली हैं। वह कभी-कभार ही धुमाई गांव आती हैं। शिकायत करने वाली शांति देवी पिता के कोई अन्य संतान नहीं होने की वजह से घुमाई गांव स्थित मायके में रहती हैं। ऐसे में संपत्ति हड़पने के लिए सुशीला ने फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाया है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद एसडीएम ने जारी किए गए निवास प्रमाण पत्र को निरस्त करने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त को पत्र भेजा है। साथ ही संबंधित लेखपाल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। एसडीएम ने बताया कि लेखपाल द्वारा गलत आख्या लगाकर प्रमाण पत्र जारी किया गया है। संबंधित लेखपाल से जवाब-तलब करने के साथ ही निवास प्रमाण पत्र निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं लेखपाल से भी जवाब मांगा गया है।