गर्दभ मेले में देश के कोने-कोने से व्यापारी अपने जानवरों के साथ पहुंचने लगे हैं। दो दिवसीय मेला सोमवार और मंगलवार को लगेगा। इसमें प्रतापगढ़ फतेहपुर, कानपुर, वाराणसी, रायबरेली के अलावा राजस्थान, बिहार, झारखंड मध्य प्रदेश, उत्तराखंड से हजारों की संख्या में व्यापारी यहां आते हैं।
कड़ा में मां शीतला के दरबार में हर वर्ष लगने वाला गर्दभ मेला सोमवार से शुरू होगा। दो दिवसीय इस मेले में दूर दराज के व्यापारी अपने गर्दभ को लेकर पहुंच रहे हैं। कौशाम्बी के के इस प्राचीन और अद्भुत मेले में देश के कोने-कोने से व्यापारी पहुंचते हैं। यहां पर गधों की खरीद फरोख्त की जाती है जो लाखों में होती है। यहां आने वाले धोबी समाज के लोग अपने बच्चों का रिश्ता भी तय करते हैं।
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गर्दभ मेले में देश के कोने-कोने से व्यापारी अपने जानवरों के साथ पहुंचने लगे हैं। दो दिवसीय मेला सोमवार और मंगलवार को लगेगा। इसमें प्रतापगढ़ फतेहपुर, कानपुर, वाराणसी, रायबरेली के अलावा राजस्थान, बिहार, झारखंड मध्य प्रदेश, उत्तराखंड से हजारों की संख्या में व्यापारी यहां आते हैं। जिसमें हजारों की संख्या में गर्दभ की खरीद फरोख्त की जाती है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। यह मेला चैत्र महीने की सप्तमी एवं अष्टमी को लगता है मान्यता है कि इस मेले में धोबी समाज के कुछ लोग अपने बच्चों का रिश्ता भी करते हैं।