संदीपनघाट थाने में जानलेवा हमले के मामले में कार्रवाई को लेकर बरती गई लापरवाही पर पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज परिक्षेत्र ने कड़ा रुख अपनाया है। आरोप है कि सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर गंभीर रूप से घायल किए जाने के मामले में थाना प्रभारी ने उचित धारा में एफआईआर दर्ज नहीं की। मामले में थाना प्रभारी आशुतोष सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
ग्राम असदउल्लागंज मजरा पट्टी परवेजाबाद निवासी गणेशदीन ने पुलिस महानिरीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि आठ अगस्त को उनके पुत्र अमर सिंह के सिर पर आरोपियों ने कुल्हाड़ी से हमला किया था। घटना की लिखित सूचना उसी दिन थाने में दी गई थी। इसके बावजूद थाना प्रभारी ने जानलेवा हमले के मामले में बीएनएस की धारा 109 के बजाय धारा 110 में एफआईआर दर्ज की।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले में हल्की धारा में एफआईआर दर्ज की गई और आरोपियों को लाभ देने की कोशिश की गई। कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने दो दिन पहले पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी से भी शिकायत की थी।
आईजी से की गई शिकायत पर क्षेत्राधिकारी चायल से मामले की जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक ने थाना प्रभारी संदीपनघाट आशुतोष सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सीओ कार्यालय के मुंशी को एसपी ने किया निलंबित
सीओ मंझनपुर कार्यालय में तैनात मुंशी विपिन पांडेय को जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि शिकायतों के निस्तारण में रुचि नहीं लेने और फरियादियों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के कारण यह कार्रवाई की गई है।