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इलाहाबाद की घटना पर वकीलों में जबर्दस्त आक्रोश

Thu, 12 Mar 2015 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
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इलाहाबाद कचेहरी में अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या को लेकर उबले कौशाम्बी के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को भी कामकाज ठप रखा। मृतक साथी के परिजनों को मुआवजा और हत्या के आरोपी दरोगा की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंझनपुर और सिराथू के अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। सिराथू तहसील के सामने वकीलों के रास्ताजाम करने से करीब दो घंटे तक सैनी-सिराथू मार्ग पर दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। इससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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इलाहाबाद के अधिवक्ता की हत्या को लेकर गुस्से से तमतमाए कौशाम्बी के वकीलों ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। इस दौरान जिला मुख्यालय के वकीलों ने कलेक्ट्रेट से लेकर मंझनपुर चौराहे तक हुंकार भरी। डीएम, एसपी को ज्ञापन देकर मृतक अधिवक्ता के परिजनों को मुआवजा और हत्यारोपी दरोगा की तत्काल गिरफ्तारी करवाने की मांग की। वहीं वकीलों ने मंझनपुर चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाकर भी घटना के प्रति आक्रोश जताया। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमनाथ शुक्ला, महामंत्री राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, नर नारायण मिश्रा, देवशरण त्रिपाठी, मनुदेव त्रिपाठी, शिवशंकर सिंह, वेद प्रकाश, शशांक खरे, राजेंद्र प्रसाद पांडेय, लक्ष्मी तिवारी, युसुफ खान, उमेश तिवारी आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं सिराथू तहसील संघ के अध्यक्ष बसंत सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने तहसील के सामने सड़क पर उतरकर जाम लगा दिया।

 इस दौरान संघ के अध्यक्ष ने कहाकि भरी कचेहरी में दरोगा ने अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या करके यह साबित कर दिया कि वास्तव में पुलिसवाले अब गुंडे बन चुके हैं। घटना पर गुस्सा जताते हुए अधिवक्ताओं ने हत्यारोपी दरोगा को फांसी की सजा दिए जाने की मांग उठाई। आरोप लगाया कि अफसर ही दरोगा को छिपाए हुए हैं और उसके फरार होने की झूठी कहानी गढ़ी जा रही है। वकीलों ने ऐलान किया कि हत्यारोपी दरोगा पकड़ा नहीं जाता है, अधिवक्ता समाज आंदोलन करता रहेगा। इस मौके पर प्रदीप रस्तोगी, देशराज, बद्री प्रसाद त्रिपाठी, राम प्रसाद त्रिपाठी, आद्या प्रसाद, संजय कुमार, हरिमोहन गुप्ता, जयकरन यादव आदि मौजूद रहे। वहीं चायल के अधिवक्ता भी इलाहाबाद की घटना को लेकर कामकाज से विरत रहे।
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