जिले में अवैध तरीके से चल रहे अझुवा व करारी के बूचड़खाने को पुलिस प्रशासन ने रविवार की रात ही बंद करा दिया। देर शाम पुलिस ने छापा मारकर कार्रवाई की और बूचड़खाने को सील कर दिया। जनपद में करीब आधा दर्जन बूचड़खाने अवैध तरीके से अभी भी चल रहे हैं। इनको चिह्नित करने में पुलिस जुटी है।
भाजपा की सरकार बनते ही पुलिस महकमा हरकत में आ गया है। बीजेपी के ऐलान के मुताबिक पुलिस प्रशासन ने रविवार की रात ही अझुवा व करारी में चल रहे बूचड़खाने में छापा मारा। अचानक पुलिस के धावा बोलने से हड़कंप मच गया। बूचड़खानों में काम कर रहे लोग भाग खड़े हुए। इन बूचड़खानों को पुलिस ने सील कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि दोबारा संचालित करने का प्रयास किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनपद में अभी भी आधा दर्जन बूचड़खाने अवैध तरीके से चल रहे हैं। चोरी छिपे यह बूचड़खाने अर्से से संचालित हैं। इन बूचड़खानों को पुलिस चिह्नित करने में जुटी है। एएसपी ने पुलिस कर्मियों को हिदायत दी है कि यदि कहीं से भी मांस के अवैध कारोबार की सूचना मिली तो संबंधित थानेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कौशाम्बी में गांव-गांव बूचड़खाने, कैसे निपटेगी खाकी
मांस तस्करी का हब बन चुके दोआबा में गांव-गांव बूचड़खाने हैं। मवेशियों को काटकर उनका मांस जरूरतमंदों के घर-घर पहुंचाया जाता है। तस्करों की इनकी लंबी फौज को असरदार नेताओं का वरदहस्त प्राप्त है। इन तस्करों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक तस्कर पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।
मांस तस्करी को लेकर दोआबा अर्से से बदनाम रहा है। यहां के करारी, ननमई, परास, सिपाह, घोसियाना, पुरखास, इसीपुर, नारा सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में बूचड़खानों का संचालन किया जा रहा है। मवेशियों को काटने के बाद उनका मांस बेचने वाले तस्करों की लंबी फौज है। यह भोर में दुपहिया वाहनों से मांग के अनुरूप संबंधित लोगों के घरों तक डिलेवरी देने का काम करते हैं।
चुनाव के दौरान ही भाजपा ने ऐलान किया था कि सरकार बनते ही बूचड़खाने बंद कर दिए जाएंगे। अन्य जनपदों मे इसका असर भी दिखने लगा। लाइसेंस लेकर संचालित किए जाने वाले बूचड़खानों को पुलिस बंद भी कराने लगी है। जिले में बगैर लाइसेंस के गांव-गांव खुले बूचड़खानों को खाकी बंद कराने में कामयाब होगी या फिर यह अवैध धंधा यूं ही चलता रहेगा।
मवेशी तस्करों के लिए मुफीद बना गंगा-यमुना का पुल
जिले के गंगा और यमुना नदी में बना पुल मवेशी तस्करों के लिए मुफीद साबित हो रहा है। यमुना के महेवाघाट पर बने पुल से तस्कर चित्रकूट, बांदा आदि स्थानों से सस्ते दामों में मवेशियों को लाते हैं। मवेशी तस्करी में नंदा का पुरवा में बना पीपा पुल भी काफी मददगार साबित हो रहा है। इलाहाबाद क्षेत्र के शंकरगढ़ सहित कई स्थानों के मवेशियों की तस्करी इसी पुल के सहारे रात में होती है। यही हाल गंगा नदी पर बने लेहदरी व टोल प्लाजा का है। इन रास्तों से यमुना और गंगा पार के मवेशियों को जिले में लाकर गैर प्रांतों को वध के लिए भेजा जाता है।
नगर पंचायत अजुहा और करारी में चल रहे बूचड़खाने सोमवार को बंद करा दिए गए हैं। अन्य जगहों पर चोरी छिपे चल रहे बूचड़खानों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही इनको भी बंद करा दिया जाएगा।
आशुतोष मिश्र, एएसपी