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गंगा-यमुना के बाद अब छोटी नदियों में उफान

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After Ganges and Yamuna, small rivers are now in spate - फोटो : KAUSHAMBI
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गंगा-यमुना के बाद अब छोटी नदियों में उफान
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ससुरखदेरी नदी पर बने सभी रपटे डूबे, बाधित हुए लिंक मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गंगा-यमुना की रफ्तार थमने के बाद दोआबा में अब छोटी नदियां उफान पर हैं। इन नदियों पर बने पुल (रपटा) डूब गए हैं। पुल से दो फिट ऊपर पानी बहने के कारण लिंक मार्ग से आवागमन ठप हो गया है। ग्रामीण अब प्रमुख मार्गों से आते-जाते हैं। नदियों का उफान इसी तरह जारी रहा तो तटवर्ती गावों में पानी घुस सकता है। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
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हफ्ते भर पहले पहाड़ों में भारी बरसात और बांधों से पानी छोड़े जाने से गंगा-यमुना में बाढ़ आ गई थी। दोनों नदियाें का पानी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर चला गया था। यमुना नदी की बाढ़ तो जिले में कहर बरपाने लगी थी। मंझनपुर और चायल तहसील के दो दर्जन गांवों में यमुना का पानी प्रवेश कर गया था। आधा दर्जन गांव टापू बन गए थे। गंगा-यमुना का पानी नालों के रास्ते ससुरखदेरी और किलनहाई नदियों में उल्टा जाने लगा था। चार दिन से गंगा-यमुना में बाढ़ की रफ्तार थमी तो तराई क्षेत्र के लोगाें ने राहत की सास ली। प्रशासन भी सुकून महसूस करने लगा था। इसी बीच जिले में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण छोटी नदियां भी उफान पर आ गई हैं। शनिवार की शाम से ससुरखदेरी नदी पर बना तेरहरा, भड़ेसर समेत विभिन्न गांवों के समीप बने पुल (रपटा) डूब गए। रविवार को रपटा से करीब दो फिट ऊपर पानी बह रहा था। इसके चलते लिंक मार्ग से आवागमन ठप हो गया। हिम्मत जुटाकर पैदल अथवा साइकिल सवार ही पानी से गुजर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि इन नदियों में बाढ़ की रफ्तार यही रही तो आवागमन बाधित होने के साथ ही किनारे बसे गांवों में भी पानी घुस सकता है।
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