पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के बौली गांव में बुधवार की रात एक विधवा महिला ने अपनी दो बेटियों के साथ जहरीला पदार्थ निगलकर जान देने की कोशिश की। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान सभी को बचा लिया गया है। मामले में पुलिस को अभी कोई शिकायत नहीं मिली है।
बौली निवासी अंजू देवी के पति मेंदी लाल सरोज का करीब दस साल पहले निधन हो चुका है। अंजू देवी अपनी दो बेटियों कमला और विमला के साथ मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन करती हैं। अंजू देवी ने बताया कि कुछ साल पहले उसके देवर नाई ने उसके हिस्से के जेवरात गिरवी रख दिए थे। रुपये न होने के कारण गिरवी रखे जेवरातों को वह नहीं निकाल पा रही थी।
आरोप है कि उसने कई बार अपने देवर को गहनों के बारे में टोका, लेकिन वह अनसुना करता रहा। इसको लेकर बुधवार को विधवा और उसके देवर में विवाद हो गया। देर रात विधवा अंजू ने आवेश में आकर घर में रखी चूहे मारने की दवा अपनी दोनों बेटियों कमला देवी (16) और विमला देवी (18) के साथ खा ली।
हालत बिगड़ने पर पड़ोसियों ने सभी को आननफानन चंपहा बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात तक चले इलाज के बाद तीनों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। प्रकरण में पश्चिम शरीरा पुलिस ने तहरीर न मिलने की बात कही है।