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11 महीने बाद मिले साथी तो खिल उठे बच्चों के चेहरे

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After 11 months, the companions met the children's faces - फोटो : KAUSHAMBI
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11 महीने के लंबे अंतराल के बाद बुधवार से जिले के उच्च प्राथमिक स्कूल खुल गए। बुधवार को सिर्फ कक्षा आठ के 50 फीसदी बच्चों को बुलाया गया। स्कूल पहुंचे छात्र-छात्रा काफी दिनों बाद साथियों से मिले तो उनके चेहरे खिल उठे। स्कूलों में मंगलवार को ही साफ-सफाई, शौचालय और पानी आदि की व्यवस्था करा दी गई थी। हालांकि, कई स्कूलों में बच्चों की संख्या काफी कम रही।
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मंझनपुर कस्बे के नया नगर द्वितीय मोहल्ला स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के आठवीं कक्षा में कुल 49 बच्चों का पंजीकरण है। यह पर 15 छात्रों की उपस्थिति रही। स्कूल हेड मास्टर बुधराम सरोज, सहायक अध्यापिका अंजना मिश्रा, कंचन व दो अनुदेशक मौजूद रहे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय भड़ेसर के आठवीं क्लास में 38 बच्चों का पंजीकरण है।
जिसके सापेक्ष 15 छात्र उपस्थित थे। सहायक अध्यापक कृष्ण कुमार शर्मा बच्चों को पढ़ा रहे थे, जबकि प्रधानाध्यापक सुनील कुमार शुक्ला एमडीएम बनवा रहे थे। चायल पूर्व माध्यमिक स्कूल में 18 बच्चों का पंजीकरण है। जिसके सापेक्ष मात्र पांच बच्चों की उपस्थिति रही। प्रधानाध्यापक महेंद्र वर्मा के अलावा सारा स्टॉफ मौजूद रहा। यहां पर भी बच्चों के दोपहर के भोजन की तैयारी चल रही थी। पेरई के स्कूल में 11 बच्चों के सापेक्ष पांच छात्र उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापिका सत्यवती के अलावा सारा स्टॉफ मौजूद रहा।
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कड़ा के कंथुवा स्कूल में 23 में से 12 छात्र आए। यहां पर प्रार्थना के बाद प्रधानाध्यापक रण विजय निषाद ने बच्चों को कोरोना से बचाव की जानकारी दी। नासिरपुर फरीदगंज स्थित संविलियन स्कूल में आठवीं क्लास में 13 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां छह बच्चे मौजूद रहे। स्कूल में प्रधानाध्यापक अनिल मिश्रा सहित सात अध्यापक उपस्थित थे। सरायअकिल के भगवानपुर स्थित स्कूल में भी 30 पंजीकृत बच्चों में से पांच छात्र उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक किशोरी लाल सहित सारा स्टॉफ मौजूद रहा।
सौरई बुजुर्ग स्कूल हुआ सैनिटाइज
विकास खंड के सौरई बुजुर्ग स्थित स्कूल में बुधवार को इस्माइलपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. नीरज सिंह के नेतृत्व में सैनिटाइजेशन कराया गया। इसके बाद बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। बच्चों को कोरोना से बचाव के तरीके बताने के साथ ही उन्हें बार-बार हाथ धोने के लिए प्रेरित किया गया।
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पानी के लिए परेशान हुए छात्र
नेवादा विकास खंड के भगवानपुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पहुंचे छात्र-छात्राओं को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ा। स्कूल की रसोईया भी एमडीएम बनाने के लिए दो सौ मीटर दूरी से पानी लेकर आई। स्कूल के प्रधानाध्यापक किशोरी लाल ने बताया कि सप्ताह भर पहले परिसर में लगे हैंडपंप के खराब होने की जानकारी बीडीओ को दी गई है। इसके बाद भी हैंडपंप की मरम्मत नहीं कराई गई।
मास्क, सैनिटाइजेशन व दूरी का हुआ पालन
बुधवार से खुले पूर्व माध्यमिक स्कूल में किसी भी छात्र-छात्रा को बिना मास्क प्रवेश नहीं दिया गया। स्कूल की कक्षा के बाहर दो-दो मीटर पर गोले बनाए गए थे। मास्क लगाकर छात्र-छात्राएं उसी गोले में खड़े हुए। इसके बाद उनका हाथ सैनिटाइज कराने के बाद कक्षाओं में प्रवेश दिया गया।
ज्यादातर स्कूलों में पकी खिचड़ी
बुधवार से खोले गए पूर्व माध्यमिक स्कूलों में ज्यादातर जगह एमडीएम के तहत बच्चों को खिचड़ी खिलाई गई। बच्चों को क्लास में दूरी बनाकर बैठाया गया। विद्यालयों में पहले दिन पढ़ाई का माहौल ज्यादा नहीं दिखा, लेकिन बच्चों में स्कूल खुलने की खुशी देखने को मिली।

After 11 months, the companions met the children's faces- फोटो : KAUSHAMBI

After 11 months, the companions met the children's faces- फोटो : KAUSHAMBI

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