अधिवक्ताओं ने फूंका प्रदेश सरकार का पुतला
सिराथू तहसील गेट पर किया, एसडीएम को सौंपा छह सूत्री मांगों का ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिराथू। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर मंगलवार को तहसील के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने तहसील गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। बाद में छह सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
बार एसोसिएशन सिराथू के अध्यक्ष बालेंद्र धर द्विवेदी की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने ज्ञापन के हवाले से आयुष्मान भारत योजना से जोड़कर पांच लाख रुपये तक के नि:शुल्क चिकित्सा बीमा की मांग की। उप्र. कल्याण निधि न्यासी समिति लखनऊ में मृतक अधिवक्ताओं को लंबित वादों का भुगतान कराने, तहसील व जिला में अधिवक्ता चेंबर्स का निर्माण कराने, अधिवक्ता व पत्रकार की मृत्यु पर एक सामान अधिकार दिए जाने, 60 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 40 हजार अधिवक्ताओं के लिए पेंशन योजना के साथ ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने की भी मांग की।
इस मौके पर तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री शफीक अहमद, पूर्व अध्यक्ष बसंत सिंह, अतुल श्रीवास्तव, चौधरी करन सिंह, जयदीप पांडेय, बद्री प्रसाद, धनंजय सिंह, राजीव मिश्रा, अरविंद मौर्य, चौधरी करन सिंह, दीपक मौर्य, गुलाब सिंह, उमाकांत तिवारी, शिवमूरत प्रजापति, अमित त्रिपाठी सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
सिराथू। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं में सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी को लेकर भी नाराजगी दिखी। अधिवक्ताओं ने रामचरित मानस पर आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा की। साथ ही सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदेश सरकार से कार्रवाई की मांग की।
चायल तहसील के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। बार एसोसिएशन चायल के महामंत्री सगीर अहमद ने बताया कि अधिवक्ता अपने हक और अधिकारी के लिए प्रदेश सरकार से लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। इसी को लेकर बार कौंसिल उत्तर प्रदेश के आह्वान पर तहसील के सभी अधिवक्ताओं ने काली पट्टी बांध कर विरोध जाहिर किया है।