सीएचसी सरसवां में सोमवार को नसबंदी शिविर में महिलाओं को जमीन पर लिटाने के मामले में डीएम डाॅ. अमित पाल की सख्ती से हड़कंप मच गया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. प्रसून जायसवाल से जवाब तलब किया गया है। ड्यूटी के समय मेज पर पैर रखकर मोबाइल फोन देखने वाले फार्मासिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
नसबंदी शिविर में महिलाओं को जमीन पर लिटाने की खबर फोटो सहित अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद मामले की जांच करने डिप्टी सीएमओ हिंद प्रकाश मणि गए थे। जिला जिला प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चार महिलाओं को बेड कम होने के कारण जमीन पर लिटाया गया था। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार इससे ज्यादा महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाया गया था। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी फार्मासिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही निदेशालय को रिपोर्ट भेजी गई है। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।