administration became active after the death of girl by corona
- फोटो : KAUSHAMBI
नगर पालिका भरवारी में डेंगू की चपेट में आई 12 साल की फलक की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूट चुकी है। सोमवार को भरवारी कस्बे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज की टीम ने कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके अलावा कस्बे में भ्रमण कर लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के बाबत जागरूक किया। भरवारी कस्बे में पिछले कई दिनों से डेंगू के मरीज निकल रहे हैं। कोरोना के भय से लोग निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। करीब 24 से ज्यादा लोग बीमारी की चपेट में हैं। रविवार को नगर पालिका के गांधी नगर मोहल्ले में रहने वाली फलक मरियम (12) पुत्री नूरुल हसन की इलाज के दौरान मौत हो गई। स्थानीय निजी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ नहीं होने पर घरवाले उसे इलाज के लिए प्रयागराज ले गए थे।
खुद चायल विधायक संजय गुप्ता ने पिछले दिनों बीमारी को लेकर नगर की साफ-सफाई कराने का निर्देश दे रखा था। रविवार को बालिका की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज की टीम भरवारी पहुंची। टीम ने यहां कैंप लगाकर कर 12 से ज्यादा लोगों की जांच कर सैंपल लिया। इसके अलावा लोगों से कहा गया कि वह घर की छत या आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने दें। बुखार आदि की शिकायत पर तत्काल जांच कराई जाए। चिकित्सक दल में पीएचसी मूरतगंज के डॉ. नसीम उल्लाह, डॉ. सीताराम, लैब टेक्नीशियन राजेश सिंह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निर्मला देवी, राधा गुप्ता, अनिता गौतम, संगीता कौशल, मालती देवी आदि लोग मौजूद रहे।