अग्निपथ को लेकर देश भर में हो रहे बवाल के बाद पुलिस एवं प्रशासन अलर्ट हो गए हैं। पुलिस एवं प्रशासन के अफसरों ने थानावार ग्रामीणों के साथ बैठकें कर अग्निपथ को लेकर भ्रमित नहीं होने की अपील की।
डीएम सुजीत कुमार एवं एसपी हेमराज मीना ने पश्चिमशरीरा कोतवाली में गणमान्य लोगों के साथ बैठक कर कहा कि अग्निपथ से आम जनता और देश का भला होगा। आला अफसरों ने जनमानस को अफवाहों से दूर रहने की हिदायत दी। कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर अफवाहें फैलाई जा रहीं हैं।
चेताया कि अग्निपथ को लेकर यदि किसी ने अफवाह फैलाने का प्रयास किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में क्षेत्र के कई ग्राम प्रधानों व विशिष्ट नागरिक उपस्थित रहे। इसी तरह सैनी कोतवाली में एडीएम जयचंद पांडेय व एडिशनल एसपी समर बहादुर, तहसीलदार संतोष कुमार, ईओ अनिल कुमार मौर्य, थानाध्यक्ष तेज बहादुर सिंह ने प्रधानों व संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठक की।
अफसरों ने कहा कि प्रधान अग्निपथ को लेकर अपने गांव के युवाओं को समझाएं कि वे भ्रम में ना पड़ें। आंदोलन के नाम सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर कानून को हाथ में न लें। बैठक में प्रशांत केसरी, पवन केसरवानी, ग्राम प्रधान हबीब आदि मौजूद रहे। कड़ा धाम कोतवाली में थानेदार चंद्रभूषण मौर्य ने क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठक की। यहां बीडीओ कड़ा विजय शंकर त्रिपाठी, प्रधान संघ अध्यक्ष अनिल शर्मा, कमलेश निषाद, जगदीश यादव, मो. मुस्तफा, मो. हनीफ, करन यादव आदि मौजूद रहे।
अग्निपथ : किसी ने नकारा तो किसी ने फैसले को सराहा
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर पिछले कई वर्षों से सेना भर्ती के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे युवाओं में रोष है। वे चार साल के लिए अग्निवीर नहीं बनना चाहते हैं। उनका कहना है कि इससे युवाओं का उत्साह और मनोबल टूटेगा। कुछ युवाओं ने पुरानी भर्ती प्रक्रिया को ही लागू करने की मांग की, जबकि कुछ ने सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन तमाम युवाओं को भी देश सेवा करने का मौका मिलेगा, जो सेना में नौकरी करने का सपना देख रहे हैं।
सरकार ने अग्निपथ योजना से सेवा के लिए जो चार साल का समय दिया है वह सही है। चार साल बाद जिनकी फिटनेस सही रहेगी, उन्हें आगे भी सेवा करने का मौका मिलेगा। इससे आने वाले समय में सेना में जाने की तैयारी कर रहे अन्य युवाओं को भी देश सेवा का मौका मिल सकेगा।
-वेद प्रकाश अग्रहरि
मैं चार साल के लिए नहीं बल्कि पूरा जीवन देश की रक्षा करना चाहता हूं। पिछले दो सालों से सेना की भर्ती निकलने का इंतजार करते हुए तैयारी में जुटा था। सरकार के फैसले से निराशा जरूर हुई है, लेकिन गर्व की बात यह भी है कि एक साथ इतने युवाओं को देश की सेवा करने का मौका मिलेगा।
-अमित त्रिपाठी
पिछले तीन वर्ष से सेना भर्ती की तैयारी कर रहा हूं। सरकार के फैसले से मुझे कोई परेशानी नहीं है। देश सेवा करने का अवसर मिले यह मेरा सौभाग्य है। मुझे गर्व होगा कि देश की सेवा में हूं। भर्ती निकलेगी तो जरूर जाऊंगा।
साहिल शुक्ला
संविदा पर सेना में चार साल के लिए भर्ती करना युवाओं का भविष्य बर्बाद करना है। सरकार ऐसा करके सेना का भी निजीकरण करना चाहती है। चार साल देश की सेवा करने के बाद जवान क्या करेंगे? सरकार को इसके बारे में सोचना चाहिए। संविदा के बजाय सरकार को खुली भर्ती करनी चाहिए।
-राहुल शाक्य