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‘आयुष्मान’ में अब गोल्डन कार्ड की बंदिश खत्म

Sat, 13 Oct 2018 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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मंझनपुर। आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए आधार और गोल्डेन कार्ड की बंदिश को खत्म कर दिया है। बीमार पड़ने पर लाभार्थियों को सिर्फ एक पहचान पत्र दिखाना होगा। इसके बाद उसे आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया करा दिया जाएगा। गोल्डेन कार्ड बनाने में हो रही देरी को देखते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ऐसा निर्देश दिया है।
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   आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले के एक लाख 16 हजार 160 परिवारों को शामिल किया गया है। इन परिवारों के सदस्य संयुक्त जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायअकिल, सिराथू और कनैली के अलावा नव जीवन हॉस्पिटल कशिया ककोढ़ा, मंझनपुर स्थित न्यू तेजमति तथा लवकुश हास्पिटल समेत सरकारी-गैर सरकारी मिलाकर सात अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए लाभार्थी परिवारों को गोल्डेन कार्ड जारी करने का निर्देश दिया गया है। पर, इतनी बड़ी संख्या में एक साथ गोल्डेन कार्ड जारी कर पाने में स्वास्थ्य विभाग को पसीना छूट रहा है। योजना प्रारंभ होने के 20 दिन बाद तक बमुश्किल 500 परिवारों को ही गोल्डेन कार्ड जारी किया जा सका। इसके चलते चिह्नित परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

समस्या को देखते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने गोल्डेन कार्ड की बंदिश खत्म करने के साथ ही चिह्नित परिवारों को आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, बैंक पासबुक आदि में से कोई एक दस्तावेज दिखाने पर भी इलाज की सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
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घर-घर पहुंचेगा प्रधानमंत्री का आयुष्मान पत्र
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के घर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पत्र भी पहुंचेगा। इसमें योजना के बारे में जानकारी दर्ज होगी। पत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डिजिटल हस्ताक्षर भी होगा।

जनसेवा केंद्र से बनवा सकेंगे गोल्डन कार्ड
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए जाने वाले गोल्डेन कार्ड के लिए जन सेवा केंद्रों को भी अधिकृत किया गया है। योजना के नोडल अफसर डॉ.हिंदमणि ने बताया कि लाभार्थी परिवार किसी भी जन सेवा केंद्र पर 30 रुपये शुल्क जमा कर गोल्डेन कार्ड बनवा सकेंगे। इसके लिए सभी को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

इन्हें मिलेगा योजना का लाभ
2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक जनगणना के आधार पर चिह्नित गरीबों को आयुष्मान भारत का पात्र माना गया है। परिवार के सदस्यों को लेकर कोई बंदिश नहीं है। आयुष्मान भारत के नोडल अफसर डॉ हिंदमणि ने बताया कि लाभार्थी सरकारी अथवा पैनल में शामिल किसी भी प्राइवेट अस्पताल में हर साल पांच लाख रुपये तक का कैशलेश इलाज करा सकेंगे। इसके लिए किसी दस्तावेज की बंदिश भी नहीं होगी।
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