मंझनपुर। शिक्षकों को अपने गृह जनपद या फिर पसंद के जिले में जाने का अवसर मिलेगा। सरकार के इस फैसले से शिक्षक खुश हैं। सेवा अवधि की बाध्यता खत्म करते हुए सरकार ने इनको दोहरी खुशी दी है। जिले से करीब 360 शिक्षक गैर जनपद जाने की उम्मीद लगाए है। इनमें से करीब 100 शिक्षक ऐसे हैं जो बीते साल समय बाध्यता के कारण तबादला सूची से बाहर हो गए थे। यह तबादले गर्मी की छुट्टियों में परस्पर तरीके से होगा। शिक्षकों के तबादले पर अंतिम फैसला सीडीओ की अध्यक्षता में बनी टीम करेंगी।
शिक्षकों के तबादले के लिए शासन ने हरी झंडी दी है। एक अप्रैल से इसके लिए आवेदन होगा और 15 मई तक तबादला आदेश जारी हो जाएगा। शिक्षकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का यह फैसला शिक्षकों के हित में है। जिले के करीब 360 शिक्षक ऐसे हैं जो गैर जनपद जाना चाहते हैं। सरकार ने परस्पर तबादले की नीति बनाई है। वहीं गैर जनपद जाने के प्रयास में वाराणसी निवासी शिक्षक रावेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उनके माता-पिता बुजुर्ग हैं। उनकी देखभाल करने के लिए दूसरा कोई नहीं है। पत्नी व बच्चे गांव में रहते हैं।
वह यहां करीब तीन साल से रहते हैं। अब सरकार ने तैनाती अवधि में छूट दी है। वहीं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला समन्वयक ओम दत्त त्रिपाठी ने कहा कि सरकार का यह फैसला शिक्षकों के लिए बेहतर सुखद है। वह अपने घर परिवार के पास रहते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकते हैं।