आशा एवं आशा संगिनी संघ का मुख्यालय में लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहा है। गुरुवार को जुलूस निकालने के बाद आशाओं ने जिला मुख्यालय में करीब आधे घंटे तक चक्काजाम किया। किसी तरह पुलिस ने समझा-बुझाकर आशाओं को शांत कराया।
जिले की आशा व आशा संगिनी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। आशाओं की मांग है कि उनको सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, साथ ही न्यूनतम वेतन निर्धारित किया जाए। इसके अलावा प्रत्येक सीएचसी, पीएचसी जहां पर जननी सुरक्षा योजना प्रचलित है , वहां पर आशा भवन का निर्माण कराया जाए। आशा बहुएं रात-दिन काम करती हैं, इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इसलिए आशाआें को दस लाख का बीमा कराया जाए।
इन्हीं मांगों को लेकर डायट मैदान में धरना दे रही आशाओं ने गुरुवार को दोपहर में जुलूस निकाला। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वह मंझनपुर चौराहा पहुंची। यहां उन्होंने चक्काजाम किया। करीब आधे घंटे बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। आशाओं के साथ आंदोलन में बीकेआरपी पार्टी भी कूद गई है। बीकेआरपी के अध्यक्ष लाखन सिंह राजपासी भी जुलूस में शामिल रहे।