नगर पंचायतों के राशन कार्ड धारकों को ई-पॉश मशीन के जरिए राशन वितरित किया जा रहा है। आधार लिंक न होने के कारण उपभोक्ता की गैरहाजिरी में उनके परिजनों को कोटेदार राशन नहीं दे रहे हैं। इससे कोटेदारों के यहां राशन भारी मात्रा में डंप हो गया है। इस व्यवस्था को लेकर उपभोक्ता के परिजन आक्रोशित हैं। ई-पॉश मशीन के सिस्टम ने गरीबों का चूल्हा ठंडा कर रखा है।
जिले की सातों नगर पंचायतों में शासन के निर्देश पर अब ई-पॉश मशीन के जरिए राशन का वितरण किया जा रहा है। इस मशीन में कार्ड धारक को अपना अंगूठा निशान लगाना पड़ता है। इसके बाद ही राशन प्राप्ति की पर्ची मशीन से निकलती है। अधिकांश उपभोक्ताओं के राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं। कइयों ने आधार कार्ड ही नहीं बनवाया है।
आधार कार्ड लिंक न होने के कारण परिवार के मुखिया के अलावा उनके परिजनों को कोटेदार राशन नहीं वितरित कर रहे हैं। यह समस्या मंझनपुर, सरायअकिल, करारी, चायल, भरवारी, सिराथू और अजुहा नगर पंचायतों में है। चायल नगर पंचायत के अधिकांश उपभोक्ताओं के परिजनों को जून माह का राशन नहीं मिल सका है। इससे उनके परिजन परेशान हैं।
यही हाल सभी नगर पंचायतों का है। ई-पॉश मशीन की इस नई व्यवस्था ने पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय राशन कार्ड के मुखिया के सामने समस्या खड़ी कर दी है। गरीब तबके के लोग मेहनत-मजदूरी करने के लिए बाहर रहते हैं। उनके न रहने पर अब उनके परिजनों को राशन नहीं मिल पा रहा है।