संदीपनघाट कोतवाली के गंसरी गांव में करीब डेढ़ हफ्ते पहले गंगा के कछारी भूमि पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में जख्मी युवक की शनिवार रात अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में तनातनी का माहौल है।
गंसरी निवासी गुलफाम और धर्मवीर सरोज के बीच कछार की 50 बीघा भूमि को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार दोनों पक्षों में इसे लेकर विवाद भी हो चुका है। 26 नवंबर की सुबह गुलफाम कछार में तरबूज की बोआई करा रहा था। इसी दौरान धर्मवीर सरोज अपने दर्जन भर साथियों के साथ मौके पर पहुंच गया है। इस दौरान दोनों पक्षों में बोआई को लेकर विवाद हो गया है। धर्मवीर और उसके साथियों ने गुलफाम पर तमंचे से फायरिंग कर दी। गोली उसके सिर में लग गई।
बीचबचाव करने पर उसके भाई इरफान व परिवार के अन्य सदस्यों को भी बेरहमी से पीटा गया। गुलफाम के साथ उसका भाई इरफान व तीन अन्य लोग जख्मी हो गए थे। वहीं, धर्मवीर सरोज का भाई राजवीर भी जख्मी हो गया था। गुलफाम को गंभीर हालत में इलाज के लिए एसआरएन प्रयागराज में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान शनिवार रात उसकी सांसें थम गईं।
घटना को लेकर गांव में दोनों पक्षों के बीच तनातनी का माहौल है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष वृजेंद्र सिंह ने बताया कि कछार की भूमि पर तरबूज बोने को लेकर विवाद हुआ था। मामले में उसी वक्त पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज सभी को जेल भेज दिया गया था। अब गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।