ओपीडी में मरीज का इलाज करते डॉ. विश्व प्रकाश। संवाद
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मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब बच्चों की सेहत पर साफ नजर आने लगा है। ठंड, नमी और वायरल संक्रमण के चलते निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 100 से 120 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, इनमें से लगभग 30 से 35 बच्चे निमोनिया की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश के अनुसार ठंड लगना, गीले कपड़ों में देर तक रहना, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता और मौसम में अचानक बदलाव बच्चों को निमोनिया की चपेट में ला रहा है। कई मामलों में बच्चों को सांस लेने में तकलीफ, तेज बुखार, लगातार खांसी और सीने में जकड़न की शिकायत हो रही है।
उन्होंने सलाह दी है कि बच्चों को ठंडी हवा से बचाएं, गर्म कपड़े पहनाएं, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रखें। साथ ही समय पर टीकाकरण और पौष्टिक आहार भी बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चे की सांस तेज चलना, होंठ या नाखून नीले पड़ना, लगातार बुखार रहना या दूध-भोजन न लेना जैसे लक्षण दिखें तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज से निमोनिया से होने वाली जटिलताओं को रोका जा सकता है।