जनपद न्यायालय के सामने जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। सुबह से शाम तक वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति और गंभीर हो जाएगी। इसी बीच बार एसोसिएशन ने नगर पालिका को नहर की पटरी व न्यायालय की दीवार के बीच सुदृढ़ पार्किंग विकसित करने का सुझाव दिया है।
न्यायालय में प्रतिदिन करीब पांच हजार लोगों का आना जाना होता है। ऐसे में न्यायालय के सामने जाम की हालत बनी रहती है। जाम के लिए बनाई गई पार्किंग पर्याप्त नहीं है। बार एसोसिएशन ने नगर पालिका को समस्या से निजात के लिए सुझाव दिया है।
एसोसिएशन की ओर से पत्र भेजकर नहर की पटरी व न्यायालय के बीच की भूमि को पार्किंग के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया गया है।
पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नर नारायण मिश्र ने बताया कि बार की सबसे बड़ी समस्या जाम की है इससे राहत के लिए नए स्थान पर पार्किंग को विकसित करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है।
जाम की समस्या से अधिवक्ता, वादकारी और न्यायिक अधिकारी सभी परेशान हैं। न्यायालय परिसर में निर्माणाधीन अधिवक्ता भवन के पास स्थित नहर की पटरी के किनारे पर्याप्त स्थान उपलब्ध है। यदि नगर पालिका या जिला प्रशासन सीमांकन कर वहां पक्की दीवार और स्लैब डालकर सुदृढ़ पार्किंग की व्यवस्था कर दे तो जाम की समस्या स्थायी रूप से समाप्त हो सकती है।- अंकित त्रिपाठी, उपाध्यक्ष बार एसोसिएशन
केवल अधिवक्ताओं की ही नहीं बल्कि पूरे न्यायिक तंत्र की समस्या जाम है। अधिवक्ता संघ के सुझावों पर प्राथमिकता से विचार किया जाए और जल्द वैकल्पिक पार्किंग बनाई जाए ताकि अदालत आने-जाने वाले लोगों को राहत मिले। न्यायालय परिसर में व्याप्त जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। - तुषार तिवारी, महामंत्री बार एसोसिएशन
तुषार तिवारी, महामंत्री- फोटो : katra news
तुषार तिवारी, महामंत्री- फोटो : katra news