कड़ा विकासखंड के मनरेगा सेल के बाहर खुले बिजली के बॉक्स में फैला तारों का मकड़जाल- संवाद
विकासखंड कार्यालय परिसर में अव्यवस्थित बिजली वायरिंग से हादसे का खतरा मंडरा रहा है। 57 गांवों के विकास की जिम्मेदारी संभालने वाला यह कार्यालय खुद ही अव्यवस्था का शिकार नजर आ रहा है। खुले में लटकते और इधर-उधर फैले बिजली के तार कर्मचारियों और ग्रामीणों के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं।
विकासखंड परिसर के चारों ओर बिजली के तारों का जाल फैला हुआ है। कई स्थानों पर तार बिना कवर के खुले में लटक रहे हैं और दीवारों से होते हुए जमीन के पास तक खिच गए हैं। सबसे खराब स्थिति मनरेगा सेल और महिला स्वयं सहायता समूह कार्यालय के पास देखी जा रही है। यहां तारों का ऐसा जाल बिछा है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
ब्लॉक में आए ग्रामीण पंकज और अविनाश ने बताया कि जब विकासखंड मुख्यालय की यह हालत है तो गांवों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस कार्यालय में खंड विकास अधिकारी स्वयं बैठते हैं, वहां भी यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है तो यह गंभीर लापरवाही है।
बीडीओ कक्ष एवं प्रमुख कक्ष का जीर्णोद्धार हुआ था, उसी दौरान तार इधर-उधर हो गए हैं। जल्द ही वायरिंग को व्यवस्थित कराकर समस्या का समाधान करा लिया जाएगा। अखिलेश दुबे, खंड विकास अधिकारी
कड़ा विकासखंड के मनरेगा सेल के बाहर खुले बिजली के बॉक्स में फैला तारों का मकड़जाल- संवाद