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Kaushambi News: एक ही पल में उजड़ा घर... दो सगे भाइयों की मौत से थम गई जिंदगी

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सैनी कोतवाली क्षेत्र के त्रिलोकपुर के पास हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने सिराथू के एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। रिश्तेदार की मदद के लिए घर से निकले दो सगे भाइयों की एक साथ मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बुधवार को दोनों के शव घर पहुंचे तो हर आंख नम हो गई।
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सिराथू कस्बे के सरायं वार्ड निवासी साबिर अली (35) और उनके छोटे भाई अकबर अली (27) मंगलवार रात रिश्तेदार की पिकअप का पंक्चर बनाने के लिए त्रिलोकपुर के पास हाईवे पर गए थे। काम करते समय तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे दोनों भाइयों समेत चार लोगों की मौत हो गई।
बुधवार को जब दोनों भाइयों के शव घर पहुंचे तो मां मैतुन निशां अपने बेटों से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं और बेहोश होकर गिर पड़ीं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। साबिर की पत्नी शबाना का भी रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग परिवार को सांत्वना देने के लिए घर पहुंचते रहे, लेकिन दो सगे भाइयों की मौत से पीड़ित परिजनों को बिलखते देख हर किसी की आंखें नम थीं।
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तीन माह बाद होनी थी अकबर की शादी
सिराथू। मोहम्मद शरीफ सब्जी का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। चार बेटों में सबसे बड़े साबिर हाईवे किनारे पंक्चर की दुकान चलाते थे, जबकि सबसे छोटे अकबर अपने भाई अनवर के साथ फर्नीचर के काम में हाथ बंटाते थे। पिता ने बताया कि रात करीब साढ़े दस बजे रिश्तेदार का फोन आने पर साबिर मदद के लिए निकले थे। भाई को अकेला जाता देख अकबर भी साथ हो लिया, लेकिन दोनों वापस नहीं लौट सके।
साबिर अपने पीछे पत्नी, तीन वर्षीय बेटी आदिना और छह माह के बेटे अलीहान को छोड़ गए हैं। वहीं अकबर की शादी तीन माह बाद फतेहपुर में तय थी और घर में तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। एक ही हादसे ने परिवार की सारी खुशियां मातम में बदल दीं।
बिना खाना खाए भाई के साथ निकले थे अकबर
रात साढ़े दस बजे रिश्तेदार का फोन आने के बाद अकबर भाई के साथ बिना खाना खाए चले गए थे। परिवार वालों ने बताया रात नौ बजे फर्नीचर की दुकान से काम करने के बाद घर पहुंचे अकबर बैठकर मोबाइल देख रहे थे। मां मैतुननिशां ने कई बार खाने के लिए कहा लेकिन अकबर टालमटोल करते रहे। ऐसे में फोन आने के बाद भाई के साथ पंक्चर बनाने के लिए चले गए।
सब्र करो जिसने बिगाड़ा वही बनाएगा
सिराथू कस्बे में वार्ड दस निवासी मोहम्मद शरीफ के घर दो जवान बेटों का शव आने के बाद मोहल्ले का माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान पहुंचे लोग परिवार को ढांढ़स बंधाते हुए कहा जिसने बिगड़ा है वही ऊपर वाला बनाएगा भी। साबिर की पत्नी व दो मासूम बच्चों को देखकर सभी की आंखें भर गई।


हाईवे पर जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
सड़क सुरक्षा प्रभारी अंशुमान मिश्रा ने बताया कि हाईवे पर वाहन खराब होने की स्थिति में उसे यथासंभव सड़क से दूर सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। यदि ऐसा संभव न हो तो वाहन के पीछे वार्निंग ट्रायंगल या अन्य चेतावनी संकेत लगाएं और हैजर्ड लाइट चालू रखें, ताकि पीछे से आने वाले वाहन समय रहते सतर्क हो सकें।
उन्होंने कहा कि हाईवे पर स्वयं मरम्मत करने के बजाय डायल-112 या एनएचएआई हेल्पलाइन 1033 पर सूचना देकर सहायता लेनी चाहिए। रात के समय सड़क पर उतरने से पहले पूरी सतर्कता बरतें और रिफ्लेक्टिव जैकेट का उपयोग करें। तेज रफ्तार वाहनों के बीच बिना सुरक्षा इंतजाम के खड़े होना जानलेवा हो सकता है। यातायात नियमों का पालन और सावधानी ही ऐसे हादसों से बचने का सबसे कारगर उपाय है।
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