हासिमपुर किनार गांव में सोमवार दोपहर तीन बजे लीकेज सिलेंडर को दुरुस्त करने के दौरान आग लग गई। जिसमें मासूम समेत कुल छह लोग झुलस गए। चीख पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने किसी तरह बालू मिट्टी आदि डालकर सिलिंडर में लगी आग पर काबू पाया। घटना में झुलसे सभी लोगों को परिजनों ने तिल्हापुरमोड़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
हासिमपुर किनार गांव निवासी रफीक अहमद मेहनत मजदूरी करते हैं। रविवार को वह गांव में काम करने गए थे। घर में उनकी पत्नी साबिरा मौजूद थीं। साबिरा ने बताया कि दोपहर बाद खाना बनाने के लिए रसोईघर की ओर गई तो वहां एलपीजी गैस की दुर्गंध आ रही थी।
लीकेज सिलिंडर को ठीक कराने के लिए वह पड़ोसी सुभाष उर्फ कल्लू (25) को बुला लाईं। गैस बनाना देखने के लिए सुभाष के पीछे-पीछे पड़ोसी मोतीलाल का नाती आयुष (05), सदनलाल की बेटी शिखा (07), शफीक का बेटा फजल (08) भी आ गए। सुभाष ने आकर लीकेज सिलिंडर को ठीक किया और जैसे ही चूल्हा जलाने के लिए लाइटर दबाया सिलिंडर और चूल्हे वाली पाइप में आग लग गई।
इसी दौरान वहां मौजूद बच्चे समेत सभी लोग झुलस गए। चीख सुनकर पड़ोसी मदनलाल की पत्नी सरिता भी अपने मासूम बेटे बन्ना को गोद में लेकर मौके पर आ गई और सबको बचाने के प्रयास में उसका मामूम भी झुलस गया।
शोर सुनकर मौके पर जुटे पड़ोसियों ने बालू, मिट्टी और गीले कंबल से किसी तरह आग को बुझाया। फिलहाल सभी घायलों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
घायल सुभाष निवासी किनार- फोटो : 1
घायल सुभाष निवासी किनार- फोटो : 1
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