मंझनपुर। सालभर से मानदेय नहीं मिलने से आक्रोशित बूथ लेबल अफसरों (बीएलओ) का शनिवार को प्रशिक्षण के दौरान गुस्सा फूट पड़ा। प्रशिक्षण के बहिष्कार का ऐलान करते हुए बीएलओ ने एसडीएम का घेराव किया। बीएलओ के हंगामे को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने तीन दिन के भीतर मानदेय दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद बीएलओ लोकसभा चुनाव ड्यूटी के लिए प्रशिक्षण में शामिल हुए।
बता दें कि लोकसभा चुनाव के लिए जिले में करीब 1066 बूथ बनाए गए हैं। सभी बूथों पर मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए एक-एक कर्मचारी यानी बूथ लेबल अफसर को तैनात किया गया है। बीएलओ बनाए गए प्राथमिक स्कूलों के अध्यापक, शिक्षामित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उनसे सालभर से लगातार काम कराया जा रहा है, लेकिन अब तक मानदेय नहीं दिया गया। मानदेय नहीं मिलने से आक्रोशित बीएलओ ने सोमवार को तहसील परिसर (मंझनपुर) में लोकसभा चुनाव के प्रशिक्षण कार्यक्रम का बहिष्कार किया। साथ ही हंगामा काटा। बीएलओ ने एसडीएम का घेराव किया। डीएम को संबोधित 8 सूत्री ज्ञापन दिया। इसमें बकाया मानदेय दिलाने के साथ ही नियुक्ति एवं पहचानपत्र देने, आकस्मिक दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराने, मतदान के दिन का मानदेय अन्य कर्मचारियों की तरह अलग से दिए जाने की मांग की। एसडीएम ने तीन दिन के भीतर बकाया मानदेय दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही बीएलओ प्रशिक्षण में शामिल हुए। इस मौके पर सोमप्रकाश मिश्र, शैलेंद्र कुमार पांडेय, जयकरन सिंह, गिरीश चंद्र पांडेय, विपिन श्रीवास्तव, जीवन सिंह, दारा सिंह, विजय बहादुर, संतोष शर्मा, मनीषा देवी, धर्मपाल, राजेश कुमार, सीमा साहू, कमला देवी आदि मौजूद रहीं।