मंझनपुर। जिला संयुक्त चिकित्सालय का बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को फटा और गंदा कंबल दिया गया था। करीब 24 प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का चेक पांच महीने से नहीं दिया गया था। इस पर बिफरे डीएम ने वार्ड ब्वाय को निलंबित करने का निर्देश सीएमओ को दिया। इमरजेंसी ड्यूटी के चिकित्सक को भी फटकार लगाई। सीएमएस से जननी सुरक्षा के चेक नहीं ले जाने वाले लाभार्थियों की सूची तलब की।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में विभागीय अनदेखी के कारण लोगाें को सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। जिलाधिकारी सत्येन्द्र सिंह बृहस्पतिवार को खुद रूबरू हुए। करीब 11.30 बजे जांच करने के लिए अस्पताल पहुंचे। इन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। यहां मरीजों को फटे और गंदे कंबल ओढ़ाए गए थे। डीएम ने जननी सुरक्षा का चेक और रजिस्टर की जांच की। इससे मनमानी की पोल खुल गई। बताया कि अप्रैल से दिसंबर के बीच अस्पताल में प्रसव कराने वाली करीब 30 महिलाओं को अब तक चेक वितरित नहीं किया गया था। जबकि अस्पताल से डिस्चार्ज करने के दौरान प्रसूताओं को चेक दिने का आदेश है। डीएम ने सीएमएस से लाभार्थियों की सूची तलब की। डीएम ने इमरजेंसी वार्ड के वार्डब्वाय को निलंबित करने का सीएमओ को आदेश दिया। वहीं इमरजेंसी ड्यूटी के डॉक्टर को जमकर फटकार लगाई। डीएम ने डिलेवरी के बाद डिस्चार्ज होते समय महिलाओं को चेक मुहैया कराने और रोज वार्डों में राउंड करने का निर्देश सीएमएस को दिया। वहीं जिलाधिकारी ने अधीक्षक डॉ बीएन पांडेय को अस्पताल को सुपर स्पेशलियटी बनाने का निर्देश दिया।