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एसआरएन में मारपीट, डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

Thu, 26 Sep 2013 05:36 AM IST
Kaushambi
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इलाहाबाद। सर्पदंश के शिकार बच्चे की बुधवार को स्वरूपरानी अस्पताल में मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगा रहे परिजनों और रेजीडेंट डॉक्टरों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें पांच डॉक्टर समेत कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टर लामबंद हो गए और हंगामा करने लगे। डॉक्टरों ने ड्यूटी से बहिष्कार कर धरना शुरू कर दिया। ओपीडी, इमरजेंसी में इलाज ठप कर दिया। नए मरीजों की भर्ती रोक दी गई। मामला तूल पकड़ता देख कॉलेज प्राचार्य, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। प्रकरण को सुलझाने के लिए कई दौर की वार्ता हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया। इधर डाक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। कॉलेज प्रबंधन की ओर से मारपीट करने वाले बच्चे के परिजनाें के खिलाफ तहरीर दी गई है। प्राचार्य डॉ.एसपी सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
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मोरी निवासी विकास केलकर का बेटा अमय उर्फ आर्यन केलकर (10 वर्ष ) को बुधवार भोर में सोते समय सांप ने काट लिया। अमय ने शोर मचाया तो घरवालों को सांप काटने का पता चला। बदहवास परिजन अमय को लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने बच्चे का मामला देख चिल्ड्रेन अस्पताल भेज दिया। चिल्ड्रेन अस्पताल के डॉक्टरों ने अमय को दोबारा एसआरएन भेज दिया। आखिरकार एसआरएन के डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन दो घंटे बाद ही बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। बात बढ़ी और कुछ ही देर में नौबत मारपीट की आ पहुंची। मारपीट में परिजनों के अलावा पांच डाक्टर डॉ. सहगिल, डॉ. राजू कुमार, डॉ. रितुराज, डॉ. सौरभ और डॉ. ऋषि समेत कई चोटिल हो गए। इसकी जानकारी बाकी रेजिडेंट डॉक्टरों को हुई तो उन्होंने हंगामा कर दिया। डॉक्टरों ने ओपीडी, ओटी समेत तमाम चिकित्सकीय सुविधाओं को बंद करा दिया और धरने पर बैठ गए। तमाम मेडिकल स्टोर भी बंद करा दिए। डॉक्टरों के हंगामे के चलते अस्पताल में भर्ती मरीजों-तीमारदारों में अफरातफरी मच गई। ओपीडी में मौजूद तमाम मरीज-तीमारदार भाग निकले। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह, एसपी सिटी शैलेश यादव पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। मामले को सुलझाने को लेकर प्राचार्य, अधिकारियों ने धरना दे रहे डॉक्टरों से कई बार वार्ता की लेकिन डॉक्टर मारपीट के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। घटना को लेकर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे अस्पताल में कामकाज ठप हो गया है। दूसरी ओर कॉलेज प्रबंधन की ओर से घटना की तहरीर पुलिस को दी गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
आक्रोशित डॉक्टरों ने हंगामे के दौरान कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह, एसआइसी डॉ. श्रद्धा द्विवेदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्हें हटाए जाने की भी मांग कर डाली। पुलिस प्रशासन को भी कोसा।
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डॉक्टरों से हुई मारपीट की घटना के बाद स्टॉफ नर्स एसोसिएशन भी साथ हो गया। एसोसिएशन अध्यक्ष साफिया खातून का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ आए दिन मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। इस पर अंकुश न लगाया गया तो हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
परिजनों का कहना है कि मासूम अमय की जान बचाई जा सकती थी। मृतक के चाचा मनोज केलकर का आरोप है कि यदि समय रहते सीनियर डॉक्टर इलाज करते तो मौत न होती। मनोज का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने यह तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया कि कितनी दवा देनी है, इसकी जानकारी नही है। आरोपों के मुताबिक ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे।
अमय की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। वाइएमसीए स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र अमय की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता विकास केलकर शिक्षक हैं। उनके साथ मां भी बदहवास है।
आंदोलित डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग की है। डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. संतोष सिंह का कहना है कि अस्पताल में आए दिन मरीजों-तीमारदारों द्वारा डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाएं हो रही हैं, ऐसी परिस्थितियों में काम करना मुश्किल होगा। यह मांग भी उठाई है कि एम्स जैसे अस्पतालों की तर्ज पर एसआरएन में भी गेट पास सिस्टम लागू किया जाना चाहिए। मुख्य द्वार पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीज के दो ही तीमारदारों को प्रवेश की अनुमति होनी चाहिए। घटना के विरोध में डॉक्टरों ने देर शाम मशाल जुलूस भी निकाला। डॉक्टर मेडिकल कॉलेज से निकलकर हनुमान मंदिर होते हुए सुभाष चौराहे तक गए। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं, आंदोलन जारी रहेगा। मशाल जुलूस में जेडीए अध्यक्ष डॉ. संतोष सिंह, डॉ. चेतन सिंह, डॉ. सौरभ, डॉ. राजेश, डॉ. नीरज, डॉ. आशीष, डॉ. प्रदीपिका, डॉ. मोहसिन, डॉ. शोभा, डॉ. देवेद्र, डॉ. बृजेंद्र, डॉ. रितुराज, डॉ. सुरेश समेत तमाम डॉक्टर शामिल थे।
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