चायल (ब्यूरो)। दोपहर के भोजन में जहर की अफवाह प्राथमिक स्कूल बलीपुर टाटा की रसोइया ने उड़ाई थी। बुधवार को एबीएसए की जांच में इसका खुलासा हुआ। एबीएसए ने रसोइया को बर्खास्त किए जाने की संस्तुति करते हुए अपनी रिपोर्ट बीएसए को भेज दी है। खंड शिक्षाधिकारी (एबीएसए) ने बताया कि हेडमास्टर और अन्य शिक्षकों को भी एमडीएम पर निगरानी रखने की हिदायत दी गई है।
चायल ब्लाक के प्राथमिक स्कूल बलीपुर टाटा में मंगलवार को मध्याह्न भोजन में जहर होने की अफवाह से हड़कंप मच गया था। हेडमास्टर ने 290 छात्र-छात्राओं के लिए बनाया गया सारा खाना फिंकवा दिया था। जहर की अफवाह से गांव में भी खलबली मची रही। ग्रामीणों ने स्कूल आकर मामले में जमकर हंगामा किया था। शिकायत एबीएसए और बीएसए से की। बुधवार को चायल एबीएसए रमेशचंद्र पटेल स्कूल जाकर प्रकरण की जांच की। हेडमास्टर, शिक्षक, शिक्षामित्र और सभी रसोइयों से उन्होंने पूछताछ की। एबीएसए ने बताया कि छानबीन में सामने आया कि स्कूल में अभी डेढ़ महीने पहले ही एक नई रसोइया की नियुक्ति की गई थी। मंगलवार को खाने में नमक कम था। बच्चों के मांगने पर रसोइया ने नमक तो दे दिया था। साथ ही उसने गुस्से में आकर बच्चों से कह दिया कि इसमें जहर है। रसोइया के इतना कहने से ही हड़कंप मच गया था। एबीएसए ने बताया कि मामले में रसोइया को बर्खास्त करने की संस्तुुति उन्होंने अपनी रिपोर्ट में की है। उसे बीएसए को भेजा है। एबीएसए के मुताबिक मामले में हेडमास्टर, शिक्षक और शिक्षामित्र को भी नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण देने और एमडीएम पर खास निगरानी की हिदायत दी गई है।